पोटका विधायक संजीव सरदार पर इंजीनियरों से मारपीट का आरोप, दो दिन में माफी नहीं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

पोटका विधायक संजीव सरदार पर इंजीनियरों से मारपीट का आरोप, दो दिन में माफी नहीं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

स्वर्णरेखा परियोजना के कार्यपालक अभियंता और एसडीओ ने लगाया मारपीट का आरोप; अभियंता संघ ने काला बिल्ला लगाकर काम करने और विधायक के आवास व उनकी योजनाओं से जुड़े कार्यों का बहिष्कार करने का लिया निर्णय

जमशेदपुर: पोटका विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजीव सरदार एक गंभीर विवाद में घिर गए हैं। स्वर्णरेखा परियोजना के कार्यपालक अभियंता और एसडीओ ने विधायक पर अपने आवास पर बुलाकर गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद विभागीय अभियंताओं में नाराजगी और भय का माहौल बताया जा रहा है। वहीं, अभियंताओं के संगठनों ने विधायक के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए दो दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई है।

कैनाल निर्माण कार्य के शिलान्यास को लेकर हुआ विवाद

मिली जानकारी के अनुसार, कैनाल निर्माण कार्य के शिलान्यास से जुड़े मामले को लेकर विधायक संजीव सरदार ने स्वर्णरेखा परियोजना के कार्यपालक अभियंता और एसडीओ को अपने आवास पर बुलाया था। बताया जा रहा है कि संबंधित योजना का शिलान्यास वर्ष 2021 में ही हो चुका था और उस कार्यक्रम में विधायक संजीव सरदार भी शामिल हुए थे।

आरोप है कि बातचीत के दौरान विधायक ने अधिकारियों से शिलान्यास कार्यक्रम की तस्वीर दिखाने को कहा। अधिकारियों के पास शिलापट्ट से संबंधित जानकारी तो थी, लेकिन कथित तौर पर तस्वीर उपलब्ध नहीं थी। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। अधिकारियों का आरोप है कि विधायक पहले गुस्से में आ गए और गाली-गलौज करने लगे। इसके बाद दोनों अधिकारियों के साथ मारपीट की गई।

हालांकि, घटना को लेकर विधायक संजीव सरदार का पक्ष और पुलिस की आधिकारिक पुष्टि सामने आना बाकी है। ऐसे में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना आवश्यक है।

कार्यालय पहुंचकर संघ को दी सूचना

घटना के बाद दोनों अधिकारी अपने कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी अपने संगठन को दी। इसके बाद स्वर्णरेखा परियोजना भवन में झारखंड अभियंता संघ और डिप्लोमा अभियंता संघ की बैठक हुई। बैठक में कथित मारपीट की घटना पर कड़ी नाराजगी जताई गई और अधिकारियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया।

बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि विधायक संजीव सरदार दो दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं, तो अभियंता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का कदम उठा सकते हैं।

काला बिल्ला लगाकर करेंगे काम, कुछ कार्यों का बहिष्कार

अभियंता संगठनों ने विरोध के तहत अगले दिन से काला बिल्ला लगाकर काम करने का निर्णय लिया है। साथ ही, विधायक के आवास और उनकी योजनाओं से संबंधित कार्यों का बहिष्कार करने की बात कही गई है।

अभियंताओं का कहना है कि यदि अधिकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार होता है, तो उनके लिए स्वतंत्र और सुरक्षित माहौल में काम करना मुश्किल हो जाएगा। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं की निगरानी और निर्माण कार्यों के निरीक्षण के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है।

सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस विवाद ने जनप्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों के बीच व्यवहार तथा प्रशासनिक मर्यादा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनप्रतिनिधियों से जनता की समस्याओं को उठाने और विकास योजनाओं की निगरानी करने की अपेक्षा की जाती है, लेकिन अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार या मारपीट के आरोप गंभीर हैं और उनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि विधायक संजीव सरदार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। यदि अभियंता संगठन अपने फैसले पर कायम रहता है और हड़ताल शुरू होती है, तो इसका असर स्वर्णरेखा परियोजना के निर्माण कार्यों तथा संबंधित विकास योजनाओं पर पड़ सकता है।

फिलहाल, अभियंता संघ की चेतावनी के बाद मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। आने वाले दो दिन इस विवाद की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकते हैं।

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