हेमंत सोरेन पर आरोप गठन के बिंदु पर होगी सुनवाई, विशेष PMLA अदालत में मामला
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन के कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बुधवार, 30 सितंबर 2026 को रांची की विशेष PMLA अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई निर्धारित है। अदालत में हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन के बिंदु पर सुनवाई होगी।
मामला रांची के बड़गाईं अंचल स्थित करीब 8.86 एकड़ जमीन से संबंधित है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में आरोप लगाया गया है कि जमीन की खरीद-बिक्री और सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेरफेर के लिए एक सिंडिकेट ने फर्जी दस्तावेजों और बदले हुए रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया। इन आरोपों को हेमंत सोरेन ने नकारा है।
दस्तावेजों के अवलोकन के लिए मिला था समय
24 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई में हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए थे। उनके पक्ष की ओर से ED द्वारा उपलब्ध कराए गए कुछ ‘अन-रिलाएड दस्तावेजों’ का अध्ययन करने के लिए समय मांगा गया था। अदालत ने समय देते हुए अगली सुनवाई की तारीख 30 सितंबर तय की थी।
17 आरोपियों में 16 के खिलाफ आरोप गठित
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में कुल 17 आरोपी हैं और 16 आरोपियों के खिलाफ आरोप पहले ही गठित किए जा चुके हैं। हेमंत सोरेन के संबंध में आरोप गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामले के औपचारिक ट्रायल की दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है।
हाईकोर्ट में भी मामला पहुंचा
इसी मामले में हेमंत सोरेन की ओर से आरोप गठन की कार्यवाही रोकने और डिस्चार्ज से जुड़े कानूनी मुद्दे उठाए गए हैं। झारखंड हाईकोर्ट ने 18 सितंबर को उनकी डिस्चार्ज याचिका खारिज करने वाले निचली अदालत के आदेश के खिलाफ दायर पुनरीक्षण मामले पर फैसला सुनाया था और निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक नहीं लगाई थी।
महत्वपूर्ण: आरोप गठन का चरण यह तय करने से संबंधित है कि उपलब्ध सामग्री के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए प्रथमदृष्टया आरोप तय किए जाएं या नहीं। आरोप तय होना दोष सिद्ध होना नहीं है। मामले में अंतिम दोषसिद्धि या बरी होने का निर्णय ट्रायल के बाद अदालत करेगी।





