भारतीय फुटबॉल के लिए एक बड़े घटनाक्रम में जमशेदपुर एफसी (Jamshedpur FC) ने इंडियन सुपर लीग (ISL) के 2026-27 सीजन से बाहर होने का आधिकारिक फैसला लिया है। इस निर्णय के साथ ही नौ वर्षों से लगातार आईएसएल का हिस्सा रही टीम का सफर फिलहाल समाप्त हो जाएगा और जमशेदपुर के जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में इस सीजन से ISL के मुकाबले नहीं खेले जाएंगे।
क्लब का संचालन करने वाली जमशेदपुर फुटबॉल एंड स्पोर्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (JFSPL) ने बताया कि वह 2026-27 सीजन में लीग में हिस्सा नहीं लेगी। यह फैसला उस समय सामने आया जब क्लब ने ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) द्वारा निर्धारित भागीदारी शुल्क जमा करने की अंतिम समयसीमा तक भुगतान नहीं किया। नए क्लब-आधारित लीग मॉडल के तहत सभी क्लबों को निर्धारित शुल्क जमा कर अपनी भागीदारी की पुष्टि करनी थी, लेकिन जमशेदपुर एफसी ने इससे हटने का निर्णय लिया।
क्लब ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि उसका ध्यान अब देशभर में जमीनी स्तर (Grassroots) पर फुटबॉल के विकास, युवा प्रतिभाओं की पहचान और उनके प्रशिक्षण पर केंद्रित रहेगा। क्लब का मानना है कि भारतीय फुटबॉल को मजबूत बनाने के लिए नई प्रतिभाओं को तैयार करना अधिक महत्वपूर्ण है और भविष्य में वह इसी दिशा में काम करेगा।
जमशेदपुर एफसी ने वर्ष 2017 में आईएसएल में पदार्पण किया था और अपने नौ साल के सफर में कई यादगार उपलब्धियां हासिल कीं। टीम ने 2021-22 सीजन में ISL लीग विनर्स शील्ड अपने नाम की थी और हाल के वर्षों में भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए सुपर कप के फाइनल तक पहुंची थी। क्लब के बाहर होने से न केवल जमशेदपुर बल्कि पूरे झारखंड के फुटबॉल प्रेमियों को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि शहर में हर सीजन हजारों दर्शक घरेलू मुकाबलों का आनंद लेने पहुंचते थे।
इस फैसले का असर खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और स्थानीय फुटबॉल समुदाय पर भी पड़ेगा। रिपोर्टों के अनुसार, कई खिलाड़ी इस निर्णय से हैरान हैं और उन्होंने इसकी उम्मीद नहीं की थी। क्लब के भविष्य को लेकर अब समर्थकों के बीच कई सवाल खड़े हो गए हैं कि क्या भविष्य में जमशेदपुर एफसी किसी अन्य प्रतियोगिता में खेलेगी या फिर दोबारा ISL में वापसी करेगी।
जमशेदपुर एफसी के ISL से बाहर होने के साथ ही शहर में इस प्रतिष्ठित लीग के मुकाबलों का सिलसिला फिलहाल थम जाएगा। हालांकि क्लब ने यह स्पष्ट किया है कि वह भारतीय फुटबॉल से पूरी तरह अलग नहीं हो रहा है, बल्कि अब अपनी ऊर्जा युवा खिलाड़ियों को तैयार करने और देश में फुटबॉल की मजबूत नींव बनाने पर लगाएगा।






