राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितता की न्यायिक जांच की मांग को लेकर झामुमो का प्रदर्शन, साकची से डीसी कार्यालय तक निकाली रैली, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितता की न्यायिक जांच की मांग को लेकर झामुमो का प्रदर्शन, साकची से डीसी कार्यालय तक निकाली रैली, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
जमशेदपुर में गुरुवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने अयोध्या के श्री राम मंदिर में कथित करोड़ों रुपये की चोरी एवं वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की न्यायिक जांच की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने साकची से उपायुक्त कार्यालय तक विरोध रैली निकालते हुए मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग उठाई। रैली में बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने हाथों में बैनर, तख्तियां और पार्टी के झंडे लेकर नारेबाजी की तथा कथित अनियमितताओं की न्यायिक जांच कराने की मांग की।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व झामुमो नेता बबन राय ने किया। रैली को आकर्षक और जनसरोकार से जोड़ने के उद्देश्य से भगवान श्रीराम, माता सीता और वानर सेना की आकर्षक झांकियां भी शामिल की गईं। झांकियों ने राहगीरों और आम लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विभिन्न नारों के माध्यम से आरोपों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
साकची से शुरू हुई रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई उपायुक्त कार्यालय पहुंची। पूरे रास्ते झामुमो कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराया। रैली को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और यातायात भी प्रभावित न हो।


उपायुक्त कार्यालय पहुंचने के बाद झामुमो के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अयोध्या के श्री राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं और करोड़ों रुपये की चोरी के आरोपों की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की गई। साथ ही यह भी मांग की गई कि यदि जांच में किसी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या भ्रष्टाचार सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन में कहा गया कि देश के करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था श्री राम मंदिर से जुड़ी हुई है। ऐसे में यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र जांच होना अत्यंत आवश्यक है। इससे न केवल सच्चाई सामने आएगी, बल्कि लोगों का विश्वास भी कायम रहेगा और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसे कानून के दायरे में लाया जा सकेगा।
प्रदर्शन के दौरान झामुमो नेताओं ने कहा कि किसी भी धार्मिक संस्था, ट्रस्ट या सार्वजनिक आस्था से जुड़े संस्थान को पारदर्शिता और जवाबदेही के उच्च मानकों का पालन करना चाहिए। उनका कहना था कि धार्मिक संस्थानों पर लोगों की अटूट आस्था होती है और ऐसे संस्थानों से जुड़े किसी भी वित्तीय मामले की निष्पक्ष जांच लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनविश्वास बनाए रखने के लिए जरूरी है।
झामुमो नेताओं ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि कथित आरोपों की सच्चाई सामने लाना है। यदि आरोप निराधार हैं तो जांच के माध्यम से यह स्पष्ट हो जाएगा और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी भी मामले में निष्पक्ष जांच लोकतंत्र की मूल भावना है।
रैली और प्रदर्शन के दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, विभिन्न प्रकोष्ठों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे और शांतिपूर्ण माहौल में प्रदर्शन संपन्न हुआ।
झामुमो ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति के नाम भेजे गए ज्ञापन पर उचित संज्ञान लिया जाएगा तथा अयोध्या के श्री राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाएगी, ताकि पूरे मामले की सच्चाई देश के सामने आ सके और जनता का विश्वास कायम रहे।

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