मानगो नगर निगम की अल्पकालीन ई-निविदा आमंत्रण सूचना संख्या UDHD/MMC/07/2025-26, ग्रुप 1 एवं ग्रुप 2, दिनांक 15.12.2025 के संबंध में प्राप्त शिकायतों एवं मूल संचिका के गहन परीक्षण के दौरान कई गंभीर प्रक्रियागत, प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं

प्रेस विज्ञप्ति
29 जून 2026

मानगो नगर निगम की अल्पकालीन ई-निविदा आमंत्रण सूचना संख्या UDHD/MMC/07/2025-26, ग्रुप 1 एवं ग्रुप 2, दिनांक 15.12.2025 के संबंध में प्राप्त शिकायतों एवं मूल संचिका के गहन परीक्षण के दौरान कई गंभीर प्रक्रियागत, प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। इन तथ्यों के आलोक में मेयर श्रीमती सुधा गुप्ता ने पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है तथा पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विस्तृत जांच की प्रक्रिया प्रारंभ कराई है।

संचिका परीक्षण में यह परिलक्षित हुआ है कि निविदा प्रक्रिया के विभिन्न चरणों—प्रशासनिक स्वीकृति, निविदा आमंत्रण, तकनीकी एवं वित्तीय मूल्यांकन, स्वीकृति पत्र (LOA) निर्गमन, संविदा निष्पादन तथा अभिलेख संधारण—में स्थापित नियमों एवं निविदा शर्तों से गंभीर विचलन हुआ है। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है, बल्कि सरकारी धन के उपयोग एवं वित्तीय अनुशासन के संबंध में भी गंभीर चिंताएं उत्पन्न करती है।

प्राथमिक जांच में निम्नलिखित प्रमुख अनियमितताएं सामने आई हैं—

संचिका के शीर्ष पर अंकित पत्रांक 325/TC, दिनांक 28.10.2025 अभिलेखों में उपलब्ध नहीं पाया गया, जिससे सरकारी अभिलेखों के संधारण एवं संभावित हेरफेर पर प्रश्न उठता है।

निविदा दस्तावेज (ITB) के अनिवार्य प्रावधानों के अनुरूप विधिवत Letter of Acceptance (LOA) जारी किए बिना ही संवेदक को अग्रधन जमा कर एकरारनामा निष्पादित करने का निर्देश दिया गया।

निर्धारित समयसीमा के भीतर न तो विधिवत एकरारनामा संपादित किया गया और न ही संवेदक द्वारा आवश्यक औपचारिकताओं का पालन किया गया।

संचिका में उपलब्ध एकरारनामा दस्तावेज अपूर्ण, अस्पष्ट एवं आवश्यक हस्ताक्षरों तथा प्रमाणीकरण से रहित पाया गया, जिससे उसकी वैधता संदिग्ध प्रतीत होती है।

ITB के प्रावधानों के अनुसार संवेदक के विरुद्ध अग्रधन जब्ती अथवा ब्लैकलिस्टिंग जैसी अनिवार्य कार्रवाई नहीं की गई।

निविदा निस्तारण समिति के अध्यक्ष द्वारा बैठक के लगभग 15 दिन बाद हस्ताक्षर किए गए, जिससे पूरी निर्णय प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं प्रामाणिकता पर प्रश्नचिह्न उत्पन्न होता है।

मेयर श्रीमती सुधा गुप्ता का स्पष्ट मत है कि यदि किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी, कर्तव्य में लापरवाही अथवा सरकारी प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ हुई है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

मेयर ने यह भी स्पष्ट किया है कि मानगो नगर निगम में पारदर्शी, जवाबदेह एवं भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी निविदा प्रक्रिया में अनियमितता अथवा सरकारी धन के दुरुपयोग को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मेयर कार्यालय ने संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर उत्तरदायित्व निर्धारित करने तथा जांच प्रतिवेदन शीघ्र प्रस्तुत करने का आग्रह किया है, ताकि दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

इसी आलोक में अन्य सभी “मैनेज टेंडर” को जाँच हेतु प्रधान सचिव नगर एवं आवास विकास विभाग को पत्राचार किया गया हैं।

साथ ही दिसंबर माह में हुए सभी शिलान्यास योजनाओं को बिना टेंडर प्रक्रिया,प्राककलित राशि का निर्धारण एवं वर्क आर्डर देने की प्रक्रिया के ही पहले ही किया गया हैं जो संदिग्ध प्रतीत होता हैं, इसके जाँच हेतु भी अपर नगर आयुक्त मानगो नगर निगम एवं प्रधान सचिव नगर एवं भवन विकास विभाग को पत्र लिखा जा चूका हैं, इसके कई योजनाओं का अधतन स्थिति ऐसा हैं कि वर्तमान समय में ना वर्क आर्डर मिला हैं और ना ही टेंडर प्रक्रिया को ही पूर्ण किया गया हैं।

इसके बाद भी हद तब हो गई जब तत्कालीन अधिकारियो के मिलीभगत से जब मानगो नगर निगम की बोर्ड की बैठक की प्रक्रिया शुरू हो गई हैं,उसकें पहले नगर निगम का चुनाव हो गया हैं उसके उपरांत भी बिना बोर्ड की सहमति के टेंडर निकाल दिया गया हैं, जो कि संदिग्ध और बोर्ड की अवहेलना हैं।

 

— संजय ठाकुर
प्रेस सलाहकार
मेयर कार्यालय,
मानगो नगर निगम

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