टाटानगर रेल यार्ड हादसा: दो घंटे की वार्ता के बाद हुआ समझौता, मृतक आशीष माझी के परिजनों को मिलेगा 18.50 लाख मुआवजा और नौकरी

टाटानगर रेल यार्ड हादसा: दो घंटे की वार्ता के बाद हुआ समझौता, मृतक आशीष माझी के परिजनों को मिलेगा 18.50 लाख मुआवजा और नौकरी

जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे यार्ड में वंदे भारत ट्रेन के एसी मरम्मत कार्य के दौरान करंट लगने से घायल हुए अस्थायी कर्मचारी आशीष माझी की इलाज के दौरान हुई मौत के मामले में कई दिनों से जारी गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया। सोमवार को रेलवे प्रशासन, संबंधित एजेंसी अमित इंजीनियर्स, मृतक के परिजनों एवं ग्रामीण प्रतिनिधियों के बीच करीब दो घंटे तक चली वार्ता के बाद महत्वपूर्ण समझौता हुआ। समझौते के बाद टाटानगर रेलवे स्टेशन परिसर में चल रहा विरोध-प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया और परिजनों ने शव उठाने पर सहमति जताई।
बैठक में एरिया रेल मैनेजर सहित रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, अमित इंजीनियर्स के प्रतिनिधि, मृतक की मां लक्ष्मी मांझी, जिला पार्षद कुसुम पूर्ति, पंचायत समिति सदस्य जैस्मिन गुड़िया, शिवम बोयपाई, सीनी सोय, गणपति करुवा तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। आंदोलन के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा नेता मानिक मलिक भी ग्रामीणों के समर्थन में सक्रिय रहे।


कंपनी ने जारी किया आधिकारिक शोक संदेश
इस बीच संबंधित एजेंसी अमित इंजीनियर्स ने भी आधिकारिक शोक संदेश जारी कर मृतक कर्मचारी आशीष माझी को श्रद्धांजलि अर्पित की। कंपनी ने कहा कि यार्डनगर परियोजना में कार्यरत अस्थायी (कॉन्ट्रैक्चुअल) कर्मचारी आशीष माझी की उपचार के दौरान मृत्यु से पूरा अमित इंजीनियर्स परिवार गहरे दुख में है। कंपनी ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि घटना की सूचना मिलते ही मानवीय आधार पर घायल कर्मचारी के उपचार की पूरी व्यवस्था की गई थी और उनके बेहतर इलाज के लिए हरसंभव प्रयास किए गए।
कंपनी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि आशीष स्थायी कर्मचारी नहीं थे, बल्कि हाल ही में अस्थायी कर्मचारी के रूप में कार्य से जुड़े थे। इसके बावजूद कंपनी ने सामाजिक और मानवीय दायित्व निभाते हुए इलाज का पूरा खर्च उठाया तथा परिवार के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा।
समझौते के तहत मिलेगी 18.50 लाख रुपये की सहायता
बैठक में हुए समझौते के अनुसार मृतक आशीष माझी की मां लक्ष्मी मांझी को कुल 18 लाख 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें 6 लाख 50 हजार रुपये बीमा (इंश्योरेंस) राशि के रूप में तथा 12 लाख रुपये कंपनी द्वारा मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।
इसके अलावा स्टेशन परिसर से शव उठाने के साथ ही अंतिम संस्कार के लिए 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता राशि मृतक की मां के बैंक खाते में स्थानांतरित करने पर सहमति बनी। कंपनी ने अस्पताल में परिजनों द्वारा जमा किए गए 20 हजार रुपये भी वापस कर दिए हैं, जिसकी राशि मृतक की मां के खाते में भेजी गई।
मृतक के भाई को मिलेगी नौकरी
परिवार के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने मृतक के भाई रोहित मांझी को रोजगार देने का भी निर्णय लिया है। समझौते के अनुसार रोहित मांझी को आगामी 1 जुलाई से अमित इंजीनियर्स के किसी प्रोजेक्ट में अस्थायी नौकरी दी जाएगी। कंपनी ने कहा कि नियुक्ति संबंधित औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें कार्यभार सौंप दिया जाएगा।
निष्पक्ष जांच की उठी मांग
बैठक के दौरान दुर्घटना की निष्पक्ष जांच का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। अमित इंजीनियर्स ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि रेलवे प्रशासन को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया गया है। यदि जांच में किसी कर्मचारी, अधिकारी या अन्य व्यक्ति की लापरवाही अथवा सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
कंपनी के अनुसार रेलवे प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि हादसे की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
कई दिनों से जारी था आंदोलन
गौरतलब है कि टाटानगर रेलवे यार्ड में वंदे भारत ट्रेन के एसी मरम्मत कार्य के दौरान करंट लगने से गंभीर रूप से घायल हुए आशीष माझी का इलाज के दौरान निधन हो गया था। घटना के बाद परिजन, ग्रामीण और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग मुआवजा, नौकरी तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर रेलवे स्टेशन परिसर में लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान रेलवे प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और परिजनों के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन प्रारंभिक बैठकों में कोई समाधान नहीं निकल पाया था।
सोमवार को हुई निर्णायक वार्ता में आर्थिक सहायता, रोजगार और अन्य मांगों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन समाप्त हुआ। परिजनों ने उम्मीद जताई कि दुर्घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
अमित इंजीनियर्स ने अपने बयान के अंत में कहा कि कंपनी सुरक्षित कार्य संस्कृति, कर्मचारियों के कल्याण तथा मानवीय मूल्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इसी भावना के साथ कार्य करती रहेगी।

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