राजखरसावां रेलवे स्टेशन पर शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस के ठहराव की मांग तेज
खरसावां: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राजखरसावां रेलवे स्टेशन का लाखों रुपये की लागत से आधुनिकीकरण किया जा रहा है। बावजूद इसके, स्थानीय यात्रियों को कई महत्वपूर्ण सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से शालीमार-कुर्ला-हावड़ा एक्सप्रेस के ठहराव नहीं होने से यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है।
जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 18029 एवं 18030 शालीमार-कुर्ला-हावड़ा एक्सप्रेस का पूर्व में राजखरसावां रेलवे स्टेशन पर नियमित ठहराव होता था। कोविड-19 महामारी के दौरान रेलवे द्वारा कई ट्रेनों के परिचालन एवं ठहराव में बदलाव किए गए थे, जिसके तहत इस ट्रेन का ठहराव भी राजखरसावां स्टेशन से हटा दिया गया था। हालांकि कोरोना काल समाप्त होने के बाद भी अब तक इस ट्रेन का ठहराव बहाल नहीं किया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रेन के ठहराव नहीं होने से क्षेत्र के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए अन्य स्टेशनों पर निर्भर होना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त बर्बादी हो रही है।
क्षेत्रवासियों ने दक्षिण-पूर्व रेलवे (एसई रेलवे) के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि शालीमार-कुर्ला-हावड़ा एक्सप्रेस के साथ-साथ हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस का भी राजखरसावां रेलवे स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित किया जाए, ताकि यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा मिल सके।
इसके अलावा, बढ़ती गर्मी को देखते हुए यात्रियों ने स्टेशन परिसर में 24 घंटे पेयजल उपलब्ध कराने की भी मांग की है। लोगों का कहना है कि आधुनिक सुविधाओं से लैस किए जा रहे स्टेशन पर यात्रियों की मूलभूत आवश्यकताओं की भी समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।






