स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व श्रीलेदर्स के संस्थापक सुरेश चंद्र डे की 115वीं जयंती पर श्रद्धांजलि, बिष्टुपुर शोरूम में कार्यक्रम आयोजित

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व श्रीलेदर्स के संस्थापक सुरेश चंद्र डे की 115वीं जयंती पर श्रद्धांजलि, बिष्टुपुर शोरूम में कार्यक्रम आयोजित

जमशेदपुर: शहर के प्रतिष्ठित उद्योगपति, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और सुरेश चंद्र डे की 115वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार को श्रीलेदर्स परिवार द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बिष्टुपुर स्थित श्रीलेदर्स के शोरूम में लगे उनकी प्रतिमा पर फूल-माला चढ़ाकर उन्हें नमन किया गया। इस अवसर पर कंपनी के कर्मचारी, प्रबंधन से जुड़े लोग और बड़ी संख्या में बंग भाषी समाज के सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का माहौल भावनात्मक और प्रेरणादायक रहा, जहां उपस्थित लोगों ने सुरेश चंद्र डे के जीवन, संघर्ष और योगदान को याद किया। उनके आदर्शों और सिद्धांतों को आज भी प्रेरणा का स्रोत बताया गया।
इस मौके पर श्रीलेदर्स के को-पार्टनर शेखर डे ने कहा कि आज हम सभी अपने संस्थापक की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, “सुरेश चंद्र डे ने जिस समर्पण, ईमानदारी और संघर्ष के साथ इस संस्था की नींव रखी, वह आज भी हमारे लिए मार्गदर्शक है। आने वाली पीढ़ी भी उनके बताए रास्ते पर चलकर इस विरासत को और आगे बढ़ाएगी।”
उन्होंने यह भी बताया कि सुरेश चंद्र डे की जयंती केवल जमशेदपुर ही नहीं, बल्कि कोलकाता, चेन्नई सहित देश के विभिन्न शहरों में स्थित श्रीलेदर्स के शोरूमों में भी मनाई जा रही है। इससे उनके व्यापक प्रभाव और योगदान का अंदाजा लगाया जा सकता है।
शेखर डे ने भावुक होते हुए कहा, “आज हम जहां खड़े हैं, वह पूरी तरह से उनके अथक प्रयासों और दूरदर्शिता का परिणाम है। मेरा जन्मस्थान भी यही जमशेदपुर है और मेरी अंतिम यात्रा भी यहीं से निकले, यही मेरी इच्छा है।”
उन्होंने गर्व के साथ यह भी कहा कि श्रीलेदर्स और टाटा स्टील की शुरुआत लगभग एक ही दौर में हुई थी, और आज श्रीलेदर्स पूरे भारतवर्ष में अपने शोरूम्स के माध्यम से अपनी पहचान बना चुका है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने सुरेश चंद्र डे के मूल्यों—ईमानदारी, मेहनत और समाज सेवा—को अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर ने एक बार फिर यह साबित किया कि महान व्यक्तित्व भले ही शारीरिक रूप से हमारे बीच न हों, लेकिन उनके विचार और आदर्श सदैव जीवित रहते हैं और समाज को दिशा देते हैं।

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