कक्षाओं से जलवायु परिवर्तन के अग्रदूतों तक: केरला पब्लिक स्कूल ट्रस्ट ने पर्यावरणीय स्थिरता के लिए एक राष्ट्रीय आंदोलन का नेतृत्व किया।

कक्षाओं से जलवायु परिवर्तन के अग्रदूतों तक: केरला पब्लिक स्कूल ट्रस्ट ने पर्यावरणीय स्थिरता के लिए एक राष्ट्रीय आंदोलन का नेतृत्व किया।

पंचगनी में आयोजित इस अद्वितीय राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार समारोह, जिसका आयोजन केरला पब्लिक स्कूल ट्रस्ट द्वारा रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3250, टेरे पॉलिसी सेंटर और सृष्टि ज़ेन्स के सहयोग से किया गया, जिसमें देशभर के 78 विद्यालयों की सहभागिता रही। यह भारत में छात्र-नेतृत्व वाले जलवायु कार्रवाई के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।

ऐसे समय में जब जलवायु परिवर्तन एक तात्कालिक और निर्विवाद वास्तविकता बन चुका है, जिम्मेदार और भविष्य के लिए तैयार नागरिकों के निर्माण में शिक्षा की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। इसी के मद्देनज़र केरला पब्लिक स्कूल ट्रस्ट, जमशेदपुर ने एक परिवर्तनकारी राष्ट्रीय पहल—“क्लासरूम्स टू क्लाइमेट एक्शन क्रूसेडर्स (CTCAC)”—की शुरुआत की, जिसने यह परिभाषित किया कि युवा मन पर्यावरणीय जिम्मेदारी से किस प्रकार जुड़ते हैं ?

जेम्स गुस्ताव स्पेथ के इस गहन विचार से प्रेरित कि पर्यावरणीय चुनौतियों की जड़ केवल तकनीकी कमियों में नहीं, बल्कि मानव मूल्यों जैसे उदासीनता और स्वार्थ में निहित है—यह पहल समस्या के मूल पर प्रहार करती है: सोच और शिक्षा। CTCAC पारंपरिक जागरूकता कार्यक्रमों से आगे बढ़कर एक संरचित, क्रियाशील मंच प्रदान करता है, जहाँ विद्यार्थी स्थिरता के साथ सक्रिय भागीदार बनकर उभरते हैं।

जुलाई 2025 में आरंभ होकर दिसंबर 2025 में पूर्ण हुई इस पहल ने सहभागी विद्यालयों को पर्यावरणीय कार्य और सामुदायिक सहभागिता के जीवंत केंद्रों में परिवर्तित कर दिया। मासिक रिपोर्टिंग और जियो-टैग्ड दस्तावेज़ीकरण के सुदृढ़ ढ़ांचे के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने विद्यालय परिसर और आसपास के समुदायों में वास्तविक एवं मापनीय स्थिरता परियोजनाओं को क्रियान्वित किया। इन परियोजनाओं का मूल्यांकन विशेषज्ञ निर्णायक मंडल द्वारा दो जटिल चरणों में किया गया, जिससे विश्वसनीयता और उत्कृष्टता सुनिश्चित हुई। इस राष्ट्रीय सहभागिता से दस विद्यालय फाइनलिस्ट के रूप में उभरे, जो असाधारण प्रतिबद्धता, नवाचार और नेतृत्व को दर्शाते हैं।

इस पहल के केंद्र में केरला पब्लिक स्कूल ट्रस्ट की संस्थापक निदेशक श्रीमती विजयम कार्था हैं, जिनकी दूरदर्शिता और मूल्य-आधारित शिक्षा तथा पर्यावरणीय ज़िम्मेदारी के प्रति गहरी प्रतिबद्धता इस आंदोलन की प्रेरक शक्ति रही है। उनका यह दृढ़ विश्वास कि विद्यालय केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही नहीं, बल्कि ज़िम्मेदार और जागरूक नागरिकों का निर्माण भी करें, CTCAC की दिशा और भावना को निरंतर आकार देता है।

यह पहल एक सशक्त दृष्टि पर आधारित है—कि भारत का प्रत्येक विद्यालय एक ऐसे सामुदायिक केंद्र में विकसित हो, जो पर्यावरणीय रूप से स्थायी ग्रह के निर्माण में योगदान दे, जहाँ सभी जीवधारी समृद्धि के साथ जीवन जी सकें। यह विद्यालय-केन्द्रित स्थिरता मॉडल को बढ़ावा देती है, सामुदायिक सहभागिता को सुदृढ़ करती है, संवेदनशील छात्र नेतृत्व को विकसित करती है, तथा करुणा, सजगता और उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों पर आधारित “अंदर से बाहर” परिवर्तन को प्रेरित करती है।

इस पहल की आवश्यकता पर विचार व्यक्त करते हुए निदेशक शरत चंद्रन ने कहा,
“CTCAC का उद्देश्य कक्षाओं को एक बड़े उद्देश्य से जोड़ना है—बच्चों को यह एहसास कराना कि उनके पास व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से सार्थक परिवर्तन लाने की कितनी शक्ति है।”

अंतिम पुरस्कार समारोह 17 से 19 अप्रैल 2026 तक एशिया प्लेटो में आयोजित किया जाएगा—जो नेतृत्व और आत्ममंथन का प्रतीक स्थल है—जहाँ सहभागी विद्यालयों के उत्कृष्ट प्रयासों का सम्मान किया जाएगा।

उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के लिए, इस पहल के अंतर्गत ₹1,00,000, ₹75,000, ₹50,000 और ₹25,000 के राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए गए, साथ ही नवाचारी छात्र-नेतृत्व वाले समाधानों, भारतीय परंपराओं पर आधारित पर्यावरण संरक्षण, प्रभावशाली अभिभावक-नेतृत्व वाली पहलों और प्रेरक केस स्टडीज़ के लिए विशेष सम्मान भी दिए गए। उत्कृष्ट योगदान के लिए ट्रॉफी और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए, जबकि सभी सहभागी विद्यालयों को सहभागिता प्रमाणपत्र दिए गए।

CTCAC पहले शीर्ष दस फाइनलिस्ट (वर्णानुक्रम में):
1. भावन्स मुंशी विद्यााश्रम, त्रिपुनिथुरा, केरल
2. बंट्स संघा एस.एम. शेट्टी हाई स्कूल एवं जूनियर कॉलेज, पवई, मुंबई, महाराष्ट्र
3. जेएच तारापोर स्कूल, जमशेदपुर, झारखंड
4. केरला पब्लिक स्कूल, कदमा, जमशेदपुर, झारखंड
5. नेवी चिल्ड्रेन स्कूल, कोच्चि, केरल
6. परम भट्टार केंद्रीय विद्यालयम, केरल
7. पीडीईए इंग्लिश मीडियम स्कूल एवं जूनियर कॉलेज, आकुर्डी, पुणे, महाराष्ट्र
8. एसबीओए मैट्रिक हायर सेकेंडरी स्कूल, कोयंबटूर, तमिलनाडु
9. एसबीओए पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कोचीन, केरल
10. द कल्याणी स्कूल, पुणे, महाराष्ट्र

“क्लासरूम्स टू क्लाइमेट एक्शन क्रूसेडर्स” आज केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सशक्त राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में उभर चुका है—जो भारत की स्थिरता यात्रा में युवाओं को अग्रिम पंक्ति में स्थापित करता है। एक ऐसे विश्व में, जो स्थायी समाधानों की खोज में है, केरला पब्लिक स्कूल, ट्रस्ट ने यह सिद्ध किया है कि समाधान कक्षाओं को परिवर्तन के उत्प्रेरक बनाने में निहित है—जहाँ शिक्षा ज्ञान से आगे बढ़कर प्रेरणा,उत्तरदायित्व और स्थायी प्रभाव का माध्यम बनती है।

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