असम में झामुमो के प्रचार अभियान में जुटे विधायक संजीव सरदार, आदिवासी अधिकार बना मुख्य मुद्दा
आदिवासियों के हक और पहचान की लड़ाई को लेकर गांव-गांव कर रहे जनसंपर्क
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के असम विधानसभा चुनाव अभियान में पोटका विधायक संजीव सरदार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे असम के विभिन्न गांवों में पहुंचकर पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं और आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान एवं पहचान के मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे हैं।
गांव-गांव पहुंचकर कर रहे जनसंपर्क
विधायक संजीव सरदार असम के कई क्षेत्रों में लगातार दौरा कर स्थानीय ग्रामीणों एवं चाय बागान श्रमिकों से संवाद कर रहे हैं। इस दौरान वे झामुमो प्रत्याशियों के पक्ष में समर्थन जुटाने के साथ-साथ आदिवासी समुदाय की समस्याओं को भी सुन रहे हैं। उनके अभियान को स्थानीय स्तर पर अच्छा समर्थन मिल रहा है।
विशेष क्षेत्रों में चलाया जनसंपर्क अभियान
इसी क्रम में उन्होंने डिगबोई विधानसभा के प्रत्याशी भरत नायक एवं मारघेटा विधानसभा के प्रत्याशी जरनैल मिंज के समर्थन में श्री कृष्णा चाय बागान तथा जागुन के समीप पार्वतीपुर में जनसंपर्क अभियान चलाया।
इस दौरान बोनू भूमिज, प्रधान भूमिज, जितेन भूमिज, बाबू सहित अन्य स्थानीय लोग उपस्थित रहे और अभियान को सफल बनाने में सहयोग दिया।
श्रमिकों के हक और पहचान की उठाई आवाज
झामुमो के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर चल रहे इस अभियान में चाय बागान श्रमिकों की कम मजदूरी और आदिवासी समुदाय की संवैधानिक पहचान का मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि असम में आदिवासी समाज आज भी अपने अधिकारों से वंचित है, जिसे लेकर झामुमो निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है।
आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा – संजीव सरदार
विधायक संजीव सरदार ने कहा कि झामुमो हमेशा आदिवासी, श्रमिक और वंचित वर्ग के अधिकारों की आवाज रही है। उन्होंने कहा कि असम में भी पार्टी चाय बागान श्रमिकों के हक, सम्मानजनक मजदूरी और आदिवासियों की पहचान के लिए मजबूती से संघर्ष कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता का समर्थन झामुमो के साथ है और पार्टी यहां बेहतर प्रदर्शन करेगी।







