शिक्षा में नैतिकता और संवेदना का समावेश जरूरी : राज्यपाल
जमशेदपुर: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल ज्ञान अर्जित न करें, बल्कि नैतिक मूल्यों, संवेदनशीलता और सामाजिक दायित्वों को भी जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के परिश्रम, अनुशासन और संकल्प का प्रतीक है।
राज्यपाल बुधवार को श्रीनाथ विश्वविद्यालय, जमशेदपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में स्थापित निजी विश्वविद्यालयों से अपेक्षा की जाती है कि वे यूजीसी द्वारा निर्धारित मापदंडों का पूर्णतः पालन करें, विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराएं और अकादमिक अनुशासन बनाए रखें।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से सक्रिय एवं प्रभावी प्लेसमेंट व्यवस्था विकसित करने पर बल दिया ताकि विद्यार्थियों को बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त हों। उन्होंने विश्वविद्यालयों को शिक्षा, उद्योग और समाज के बीच सशक्त सेतु के रूप में कार्य करने का आह्वान किया।
उन्होंने विश्वविद्यालयों को अपने सामाजिक दायित्वों के निर्वहन, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की सहायता तथा आसपास के क्षेत्रों के विकास में सहभागिता के लिए प्रेरित किया।
राज्यपाल ने कहा कि ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020’ के उद्देश्यों को आत्मसात करते हुए नवाचार, कौशल और आत्मनिर्भरता से जुड़ी शिक्षा प्रदान करने की दिशा में विश्वविद्यालयों को ठोस पहल करनी चाहिए।





