*चतरा सिविल सर्जन कार्यालय में मेडिकल सर्टिफिकेट के नाम पर खुलेआम घूसखोर ।।*
*उपायुक्त ने लिया संज्ञान, जांच टीम गठित दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई ।।*
*नियुक्ति से पहले ही शिक्षकों को पढ़ाया गया घूस का पाठ’ चतरा में घूसखोरी चरम पर ।।*
संजीत मिश्रा/चन्द्रेश शर्मा
चतरा । जिले में नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे सरकारी शिक्षक इन दिनों भारी परेशानी में हैं। मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने के नाम पर चतरा सिविल सर्जन कार्यालय में खुलेआम 1500 से 2000 रुपये की वसूली का गंभीर आरोप सामने आया है। पीड़ित अभ्यर्थियों ने बताया कि बिना घूस दिए किसी का भी मेडिकल सर्टिफिकेट आगे नहीं बढ़ाया जा रहा। जिन्होंने पैसे दे दिए उनका फाइल तुरंत निपटा दिया जा रहा है, जबकि बाकी लोग कई-कई दिनों से चक्कर काट रहे हैं।
*जिले के शीर्ष अधिकारी दिनभर बैठक में, वहीं दूसरी ओर सिविल सर्जन कार्यालय में ‘खुला रहा बाजार….*
एक ओर उत्तरी छोटानागपुर हजारीबाग के आयुक्त पवन कुमार समाहरणालय में अधिकारियों के साथ कई घंटे तक बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे तो
वहीं दूसरी ओर उसी समय जिले के सिविल सर्जन कार्यालय और शिक्षा विभाग कार्यालय में “नियुक्ति से पहले ही शिक्षकों को पढ़ाया गया घूस का पाठ” जैसे शर्मनाक हालात देखने को मिले। यह विरोधाभास जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
कर्मियों–दलालों की पूरी चेन सक्रिय फोर्थ ग्रेड से लेकर क्लर्क , कंप्यूटर ऑपरेटर तक का नाम शामिल
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे रैकेट में फोर्थ ग्रेड कर्मी, प्रोन्नत कर्मचारी और एक कंप्यूटर ऑपरेटर की संलिप्तता बताई जा रही है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि वे शनिवार से लगातार कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन सर्टिफिकेट पर सिविल सर्जन के हस्ताक्षर नहीं हो रहे। जो 1500 से 2000 रुपये पकड़ा दे रहे हैं, उनका काम तो मिनटों में हो रहा है। बाकी लोग बस परेशान हो रहे हैं । एक अभ्यर्थी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बिना घुस दिए मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं बनाया गया मुझे 2000 रुपया देना पड़ा उसके बाद मेडिकल सर्टिफिकेट बनाया गया ।
सिविल सर्जन की भूमिका पर उठे सवाल , कार्यालय में नही रहे मौजूद बाहर से किए जा रहे हस्ताक्षर?
सिविल सर्जन डॉ. जगदीश प्रसाद की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायत है कि जिस कार्यालय की सीमा के भीतर यह पूरा खेल चल रहा है, वहीं सिविल सर्जन खुद कार्यालय में उपलब्ध नहीं रहे और बताया जा रहा है कि वे सदर अस्पताल या अन्य स्थानों से ही सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर कर रहे हैं, जिससे संदिग्ध गतिविधियों को बढ़ावा मिला है।
*उपायुक्त कीर्ति श्री ने ली गंभीरता से संज्ञान—जांच के आदेश, दोषियों पर कठोर कार्रवाई की तैयारी….*
मिली शिकायतों के बाद चतरा उपायुक्त कीर्ति श्री ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया है। जांच टीम गठित कर दी गई है और कहा गया है कि किसी भी कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति को अभ्यर्थियों का शोषण करने नहीं दिया जाएगा। दोषियों पर कठोर कार्रवाई तय है।






