*राष्ट्रीय शान की खबर पर लगी मुहर : रोजगार सेवक बहाली में फर्जीवाड़ा उजागर ।।*

*राष्ट्रीय शान की खबर पर लगी मुहर : रोजगार सेवक बहाली में फर्जीवाड़ा उजागर ।।

*15 अक्टूबर की पड़ताल हुई सच , चतरा में रोजगार सेवा बहाली का बड़ा घोटाला बेनकाब ।।*

*चतरा (संजीत मिश्रा)*। 15 अक्टूबर 2025 को राष्ट्रीय शान में प्रकाशित खबर, जिसमें रोजगार सेवक बहाली में फर्जी प्रमाण पत्रों और अनियमितताओं का उजागर की गई थी, जो पूर्णतः सही साबित हो गई है। जिला प्रशासन द्वारा की गई जांच में चार रोजगार सेवकों देवनंदन प्रसाद दांगी, आदित्य कुमार यादव, बालचंद्र महतो और राकेश कुमार महतो के शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए, जिसके बाद सभी ने कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के बजाय त्याग पत्र भेज दिया। इससे यह भी स्पष्ट हो गया कि प्रारंभिक खबर केवल चेतावनी नहीं थी, बल्कि एक ठोस तथ्य-आधारित रिपोर्ट थी।

जांच में मिली गड़बड़ियों ने बहाली प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। अब यह संदेह सिर्फ हाल के बहाली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि 2016 से 2024 तक की पुरानी नियुक्तियों में भी अनियमितताओं की संभावनाएँ बढ़ गई हैं। राष्ट्रीय शान ने अपनी रिपोर्ट में पहले ही बताया था कि यदि सभी प्रमाण पत्रों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा। आज प्रशासनिक कार्रवाई उसी दिशा में बढ़ती दिख रही है और यह भी स्पष्ट हो रहा है कि वर्षों से कई संदिग्ध चयन बिना उचित सत्यापन के सेवा में बने रहे।

इस खुलासे के बाद जिले की छवि पर भी सवाल उठ रहे हैं। पारा-शिक्षकों के तरह फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर रोजगार सेवकों की नियुक्ति होना प्रशासनिक लापरवाही से इनकार नहीं किया जा सकता है । रोजगार सेवकों की बहाली में हुए फर्जीवाड़े ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नई चोट कर दी। जनता अब यह देख रही है कि क्या जिला प्रशासन इस बार कठोर कार्रवाई कर पारदर्शिता स्थापित करता है या फिर यह मामला भी पिछली कई शिकायतों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा। राष्ट्रीय शान की खबर की सत्यता सिद्ध हो चुकी है । अब अगला कदम प्रशासन के हाथ में है।

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