तमिलनाडु के करूर भगदड़ की CBI जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट करेगा 10 तारीख को सुनवाई

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को 10 अक्टूबर को उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया, जिसमें अभिनेता से नेता बने विजय की करूर रैली के दौरान हुई भगदड़ की सीबीआई जांच का निर्देश देने से मद्रास उच्च न्यायालय के इनकार को चुनौती दी गई है.

27 सितंबर, 2025 को हुई इस भगदड़ में 41 लोग मारे गए थे और 100 से ज़्यादा घायल हुए थे. यह भगदड़ अभिनेता से नेता बने विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कजगम (TVK) की करूर में आयोजित एक रैली के दौरान हुई थी.

यह मामला आज भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया गया. वकील ने पीठ से मामले पर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया. पीठ ने भाजपा नेता उमा आनंदन द्वारा दायर याचिका को शुक्रवार को सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की.

उच्चतम न्यायालय के समक्ष याचिका प्रस्तुत करने वाले वकील ने तर्क दिया कि उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश ने कहा था कि न्यायालय जांच से संतुष्ट नहीं है, फिर भी सीबीआई जांच की याचिका खारिज कर दी गई.

उच्च न्यायालय ने भगदड़ की जाँच के लिए पुलिस महानिरीक्षक (उत्तर) आसरा गर्ग के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था. उच्च न्यायालय ने भीड़ को नियंत्रित करने में विफल रहने के लिए पार्टी और उसके नेताओं की आलोचना की थी. गर्ग वर्तमान में उत्तरी क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक हैं.

गौर करें तो करूर भगदड़ मामले में मद्रास उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें 27 सितंबर को करूर में अभिनेता और टीवीके संस्थापक विजय की एक राजनीतिक रैली के दौरान हुई भगदड़ की सीबीआई जांच से इनकार कर दिया गया था. इस रैली में 41 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे.

मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ ने भगदड़ की सीबीआई जांच की मांग वाली भाजपा नेता उमा आनंदन की अपील पर गौर किया.

एक वकील ने पीठ को बताया, “सीबीआई जांच की याचिका खारिज कर दी गई है, जबकि एकल न्यायाधीश ने कहा है कि वह (भगदड़ की) की गई जांच से संतुष्ट नहीं हैं.” मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “इसे शुक्रवार को सूचीबद्ध करें.”

उधर उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ ने घटना की सीबीआई जांच की मांग करने वाली भाजपा नेता की याचिका भी खारिज कर दी और उन्हें मदुरै पीठ का रुख करने का निर्देश दिया.

उच्च न्यायालय ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और उत्तरी क्षेत्र की महानिरीक्षक, असरा गर्ग के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया.

इसने कार्यक्रम के आयोजकों, टीवीके नेतृत्व और पुलिस की भगदड़ के लिए भी आलोचना की, जिसमें कई महिलाओं और बच्चों सहित कई अन्य लोगों की मौत हो गई.

भगदड़ में कुल 41 लोगों की मौत हो गई, पुलिस ने बताया कि रैली में 27,000 लोग शामिल हुए, जो अपेक्षित 10,000 लोगों की संख्या से लगभग तीन गुना ज़्यादा था.

पुलिस ने इस त्रासदी के लिए विजय के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने में 7 घंटे की देरी को भी जिम्मेदार ठहराया.

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई