घाटशिला; झारखंड प्रदेश की राजनीति का केंद्र घाटशिला विधानसभा का उपचुनाव बन गया है। घाटशिला से कांग्रेस के तीन बार विधायक रहे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ.प्रदीप कुमार बलमुचू के चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ गई।
घाटशिला में अपनी सक्रियता बढ़ाने के बाद प्रदीप बलमुचू बीते तीन दिन से दिल्ली में ही डटे है। वे वहां जाकर कार्यकर्ताओं के भावनाओं व संगठन को उपचुनाव क्यों लड़ना चाहिए इन तमाम बिंदुओं को अवगत करा रहे।
प्रदीप बलमुचू शुक्रवार को दिल्ली से रांची लौट सकते है। जिसके बाद वे पार्टी के प्रदेश प्रभारी के राजू से दोबारा मिलेंगे। इसके पहले भी मुलाकात में बलमुचू ने प्रदेश प्रभारी के राजू के समक्ष इस बात को रख चुके।
वे पार्टी आलाकमान व प्रदीप बलमुचू के ग्रीन सिग्नल का इंतजार कर रहे। बूथ स्तर तक कमेटी को और अधिक मजबूत बनाने को लेकर संगठन के नेताओं ने प्रयास तेज कर दिए है।
घाटशिला सीट पर लगातार कांग्रेस के चुनाव न लड़ने से और गठबंधन के तहत झामुमो के पाले में सीट जाने से कांग्रेस संगठन के कई नेता व कार्यकर्ता इन दस वर्षों में दूसरे दलों में चले गए है।





