जमशेदपुर के फ़ौजी और फ्रेंड्स की टीम “जय हो” की 37 सदस्यीय टीम ने सुंदरवन की यात्रा से कल 7 सितंबर की रात शहर लौटी।

जमशेदपुर के फ़ौजी और फ्रेंड्स की टीम “जय हो” की 37 सदस्यीय टीम ने सुंदरवन की यात्रा से कल 7 सितंबर की रात शहर लौटी। इस यात्रा के लिए टीम 5 सितम्बर प्रातः स्टील एक्सप्रेस से रवाना हुई थी और यात्रा के दौरान सुंदरवन डेल्टा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों के भ्रमण के साथ साथ इस क्षेत्र के भौगोलिक एवं प्राकृतिक महत्व को जाना कि यह पूरा क्षेत्र करीब 26000 स्क्वायर किलोमीटर पर फैला है जिसमें करीब 16 000 स्क्वायर किलोमीटर बांग्लादेश के अंतर्गत आता है और 10 हजार स्क्वायर किलोमीटर का क्षेत्र भारतीय सीमा के अंदर अवस्थित है। इस क्षेत्र के घने मैंगरोव वन क्षेत्र हमारे देश की कुल ऑक्सीजन की आपूर्ति का 10% ऑक्सीजन की आपूर्ति करते हैं। डेल्टा क्षेत्र में नदियों का जाल फैला हुआ है और इसके बीच करीब 104 द्वीप है। इस क्षेत्र के मैंग्रोव जंगल में करीब 24 प्रकार के मैंग्रोव प्रजातियां पाई जाती हैं। इन मैंग्रोव के जंगलों का प्राकृतिक एवं भौगोलिक महत्व है बंगाल की खाड़ी से आने वाले सामुद्रिक तूफानों को यह रोक कर कोलकाता क्षेत्र की रक्षा करते हुए, भूमि क्षरण से भी क्षेत्र की रक्षा करते हैं। इस वन क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न पशु पक्षियों में रॉयल बंगाल टाइगर का विशेष महत्व है। इस डेल्टा क्षेत्र की विभिन्न नदियों से जल मार्ग द्वारा बांग्लादेश एवं भारत के बीच विभिन्न वस्तुओं का आयात निर्यात होता है। इस क्षेत्र के लोगों का जीवन काफी कठिन है और जीविकोपार्जन का मुख्य साधन कृषि, मत्स्य पालन, नदियों से मछली पकड़ना एवं टूरिज्म है। प्रदूषण रहित ऑक्सीजन से भरपूर यह जलमग्न प्राकृतिक क्षेत्र विभिन नावों, स्टीमरों लॉन्च आदि द्वारा घुमा जाता है जिनमें टापुओं के मध्य कई आकर्षक साइट्स हैं। गोसावा शहर के बैंकोंन एवं हैमिल्टन बंगले ऐतिहासिक महत्व के हैं। पूरे क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता आकर्षित करती है।

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