अर्जुन मुंडा ने कहा कि खूंटी बाईपास के मुद्दे पर राज्य सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौन और निष्क्रिय हैं. जब तक किसानों को मुआवजा देकर जमीन का अधिग्रहण नहीं हो जाता, तब तक निर्माण शुरू नहीं हो सकता. सड़कें जमीन पर बनती हैं, आसमान में नहीं. उन्होंने कहा कि बिना जमीन अधिग्रहण के केंद्र सरकार टेंडर जारी नहीं कर सकती. टेंडर प्रक्रिया की अपनी लागत होती है. जब तक 80 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण नहीं हो जाता, टेंडर जारी नहीं किया जाएगा.





