प्रकृति प्रेम और सामूहिकता को दर्शाता माघे पर्व-बीडीओ
चाईबासा:-तांतनगर प्रखंड अंतर्गत रोलाडीह में धूमधाम से माघे पर्व सम्पन्न हुआ।रंग -बिरंगे सजे सजावट सजे नृत्य अखाड़े में हर आयु वर्ग के ग्रामीण पारंपरिक मांदल-मृदंग की धुन पर खूब थिरके।
इधर,बीडीओ साधुचरण देवगम के पैतृक आवास में पद्मश्री डॉ.जानुम सिंह,तांतनगर के बीडीओ आशीष लकड़ा, साहित्यकार जवाहरलाल बांकिरा,सेवानिवृत्त उपसमाहर्ता विजय लक्ष्मी सिंकू का परिवार समेत असुरा के रविन्द्र बाल केन्द्र निदेशक सिकंदर बुड़ीउली, शिक्षक कृष्णा देवगम,हो समाज महासभा के संस्कृति सचिव जगन्नाथ हेस्सा,प्रोफेसर रिंकी दोराई व रिश्तेदारों एवं परिचितों ने सामूहिक माघे गीत व संगीत से माहौल को खुशनुमा बनाया। पद्मश्री डॉ.जानुम सिंह सोय ने कोल्हान यूनिवर्सिटी की स्थापना की खुशी में लिखे कविता गीत -दोलाबु हागा-मिसि को सबिन हुंडि मिसे केनेते सेबेरे इनुङाबु गाए। वहीं जगन्नाथ हेस्सा ने देसी सारंगी बनम पर गीत का संगत किया। मौके पर तांतनगर बीडीओ ने अपने संदेश में कहा कि प्रकृति प्रेम को दर्शाता यह सामूहिकता का पर्व आदिवासी परंपरा को सार्थक करता है।यह पर्व हर व्यक्ति के चेहरे पर खुशियां बिखेरने वाला पर्व है।





