पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवंत मान ने टाटा स्टील के आगामी लुधियाना ईएएफ-आधारित स्टील प्लांट के लिए भूमि पूजन समारोह में भाग लिया

पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवंत मान ने टाटा स्टील के आगामी लुधियाना ईएएफ-आधारित स्टील प्लांट के लिए भूमि पूजन समारोह में भाग लिया

~ यह भारत में टाटा स्टील का पहला न्यूनतम कार्बन वाला ग्रीन स्टील प्लांट है; 2,600 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला प्लांट मार्च 2025 तक चालू हो जाएगा ~

प्लांट 500 प्रत्यक्ष रोजगार और 2,000 अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन करेगा

लुधियाना, 20 अक्टूबर, 2023: टाटा स्टील ने आज लुधियाना में अपने आगामी 7,50,000 टन प्रति वर्ष के स्क्रैप-आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (ईएएफ) प्लांट के लिए भूमि पूजन समारोह आयोजित किया। पंजाब के माननीय मुख्यमंत्री श्री भगवंत मान और टाटा स्टील के सीईओ एवं एमडी टी. वी. नरेंद्रन ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और कंपनी के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में समारोह की रस्म पूरी की।

यह भारत में टाटा स्टील का पहला न्यूनतम कार्बन वाला ग्रीन स्टील प्लांट है। लुधियाना में यह नई सुविधा सस्टेनेबल मैनुफैक्चरिंग और 2045 तक नेट ज़ीरो प्राप्त करने की दिशा में टाटा स्टील की प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण कदम का प्रतिनिधित्व करती है। इसमें इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस सहित अत्याधुनिक तकनीक होगी, जो ऊर्जा-कुशल है और पारंपरिक स्टील मेकिंग की तुलना में काफी कम कार्बन उत्सर्जन करती है।

लुधियाना को विशेष रूप से हाई-टेक वैली इंडस्ट्रियल पार्क के साथ-साथ एक ऑटो हब के निकट होने के कारण चुना गया है, जहां से कंपनी के प्रमुख टाटा टिस्कॉन ब्रांड के तहत बाजार के लिए लांग स्टील प्रोडक्ट्स का उत्पादन करने के लिए स्टील स्क्रैप प्राप्त किया जा सकता है।

टी. वी. नरेंद्रन, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और प्रबंध निदेशक, टाटा स्टील ने कहा: “हम अधिक सस्टेनेबल इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस-आधारित स्टील बनाने की दिशा में परिवर्तन की एक नई यात्रा शुरू कर रहे हैं, जिसके माध्यम से हम डीकार्बोनाइजेशन की अपनी खोज जारी रखेंगे। लुधियाना में प्रस्तावित यह नई अत्याधुनिक सुविधा सस्टेनेबल मैनुफैक्चरिंग और 2045 तक नेट जीरो प्राप्त करने की हमारी प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतीक है।

मैं इस परियोजना को संभव बनाने में निरंतर समर्थन और सहयोग के लिए अपनी ओर से पंजाब सरकार के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। हमें उम्मीद है कि हम एक सस्टेनेबल और जीवंत कल बनाने के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।”

परियोजना के पहले चरण में 2,600 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय किया जा रहा है। कंपनी की योजना मार्च 2025 तक इस परियोजना को चालू करने की है। इस संयंत्र से पंजाब के युवाओं को लाभ होगा, उनमें से 500 को प्रत्यक्ष रोजगार और अन्य 2,000 को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

अपने नेट ज़ीरो लक्ष्य को प्राप्त करने और सस्टेनेबिलिटी में नेतृत्व प्राप्त करने के प्रयास में, टाटा स्टील ने सप्लाई चेन में केंद्रित पहल की है और उत्पादन में तथा उत्पाद के जीवन चक्र के माध्यम से अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। 2021 में, टाटा स्टील ने हरियाणा के रोहतक में 0.5 MnTPA क्षमता का अपना पहला स्टील रीसाइक्लिंग प्लांट भी चालू किया था। यह देश में पहली ऐसी अत्याधुनिक स्क्रैप प्रसंस्करण सुविधा है।

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