`सामाजिक नैतिकता का ह्रास और प्रउत टीवी द्वारा कला, कोरल और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

सामाजिक नैतिकता का ह्रास और प्रउत टीवी द्वारा कला, कोरल और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

15 अक्टूबर को संगीत समाज, टेल्को के सभागार में प्रउत टीवी, प्रउत वेलफेयर फाउंडेशन और रेनेसां यूनिवर्सल द्वारा आयोजित कला, कोरल (सामूहिक सस्वर) और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में शहर के प्रतिष्ठित कॉलेज और स्कूल के छात्र भाग ले रहे हैं।

समाज में आज नैतिक मूल्यों का जबरदस्त ह्रास हुआ है और यह गिरावट अनवरत जारी है। इसका सबसे दुखद पहलू यह है कि सरकार, समाज या शैक्षणिक स्तर पर इस नैतिक गिरावट (Moral Degradation) को रोकने और इसमें सुधार करने का कोई भी प्रयास नहीं किया जा रहा है।

मानसिक रूप से विकृत लोगों का समूह कभी भी एक स्वस्थ समाज की स्थापना नहीं कर सकता है। और आज इसी मानसिक विकृति का नतीजा है कि 2-3 वर्ष की शिशु कन्या भी सुरक्षित नहीं है। जिस देश में नारियों की देवी के रूप में पूजा होती है और हम ‘नारी सर्वत्र पूज्यते’ कहते नहीं अघाते, उस समाज में आज व्यवहारतः महिलायें केवल भोग की वस्तु के रूप में देखी जाती हैं।

आज ग्लोबल वार्मिंग की बात बौद्धिक मंचों से खूब की जाती है लेकिन पर्यावरण को बचाने के लिये सरकार और समाज की कोई ऐसी भागीदारी नहीं दिखती जिससे की बिगडते पर्यावरण को बचाने के लिये समाज सजग रूप से कोई ठोस कार्यक्रम उठाये।

ऐसे में प्रउत टीवी, प्रउत वेलफेयर फाउंडेशन और रेनेसां यूनिवर्सल, जो श्री प्रभात रंजन सरकार द्वारा दिये गये प्रउत दर्शन (प्रगतिशील उपयोग तत्त्व) और नवयमन्वतावाद दर्शन से प्रेरित है, ने कला, कोरल और भाषण प्रतियोगिता के माध्यम से समाज में नैतिक मूल्यों के ह्रास पर छात्रों, शिक्षक एवम समाज के प्रबुद्ध वर्ग का ध्यान आकर्षित करना। आज के छात्र ही कल के नागरिक हैं और यदि हम छात्रों को गिरते नैतिक मूल्यों और पर्यावरण के प्रति एक बेहतर और स्वस्थ नजरिया के निर्माण का बीज डालना ही इस कार्यक्रम का उद्देश्य और लक्ष्य है। साथ ही, छात्रों को एक बृहत मंच उपलब्ध कराया जाय जिससे कि छात्रों को अपनी प्रतिभा को दिखाने के लिये एक बड़ा और बेहतर मंच मिले।

इस अवसर पर प्रउत टीवी के चेयरमैन श्री राजेश सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुये कहा कि छात्र ही समाज एवम देश का भविष्य हैं। इस पौधे को हम जितनी बेहतर शिक्षा और संस्कारों से सींचेंगे तो आने वाले समय में उतना ही बेहतर फल मिलेगा जो शोषणरहित नवयमन्वतावादी समाज के निर्माण में सहायक होगा। प्रउत टीवी द्वारा आयोजित कला, कोरल और भाषण प्रतियोगिता एक सामान्य कार्यक्रम नहीं बल्कि नैतिक रूप से स्वस्थ समाज निर्माण की प्रक्रिया है। भविष्य में यह कार्यक्रम ज्यादा से ज्यादा जगह पर आयोजित करने की योजना है जिससे यह आयोजन एक आंदोलन का रूप ले सके और एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।

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