2024 के सियासी रण के लिए झारखंड के सियासी दिग्गजों ने तैयारी कर ली

2024 के सियासी रण के लिए झारखंड के सियासी दिग्गजों ने तैयारी कर ली है. जहां एक तरफ बीजेपी संकल्प यात्रा से सीटों को साधने में जुटी है, तो वहीं अब JMM एक के बाद एक बैठकों से जिलावार संगठन की मजबूती और ज्यादा से ज्यादा लोगों को संगठन से जोड़ने की जद्दोजहद कर रही है. इसी कड़ी में झारखंड प्रदेश JMM कार्यालय में पार्टी के धनबाद जिला कमेटी की समीक्षा बैठक हुई. बैठक में सभी जिले के पंचायत कमेटी, प्रखंड कमेटी, जिला कमेटी और संगठन के सदस्यों के साथ सीधा संवाद करने के निर्देश दिए गए. पार्टी की सदस्यता अभियान में गति लाने के भी निर्देश कार्यकर्ताओं को दिए गए. JMM ने चुनाव से पहले 50 लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है.

चुनावी समर के लिए पार्टियां तैयार

इसके अलावा सांगठनिक ढांचे को बूथ से लेकर जिला तक मजबूत करने का भी लक्ष्य है. बैठक में संगठन की मजबूती के साथ पार्टी को धारदार बनाने पर भी चर्चा की गई. इससे पहले भी JMM ने कई जिला कमेटियों की बैठक कर चुनावी रणनीति पर चर्चा की. 15 सितंबर को पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में गुमला और लोहरदगा जिला झामुमो समिति की विस्तारित बैठक हुई. इसमें गुमला और लोहरदगा जिला के केंद्रीय समिति के सभी सदस्य, जिला समिति के सभी पदाधिकारी और वर्ग संगठन के जिलाध्यक्ष और सचिव ने भाग लिया. बैठक में दोनों जिलों के पदाधिकारियों से पार्टी की गतिविधियां, सदस्यता अभियान की स्थिति, सरकार की जन कल्याणकारी कार्यों के प्रति आमजन के विचार को जाना गया.

बैठकों से होगी JMM की चुनावी नैया पार!

16 सितंबर को चतरा और कोडरमा जिला समिति की बैठक हुई. इसमें दोनों जिलों के केंद्रीय समिति के सभी सदस्य, जिला समिति के सभी पदाधिकारी शामिल हुए. इस बैठक में भी जनहित योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने और संगठन की मजबूती पर चर्चा हुई. एक तरफ JMM बैठकों के दौरे से चुनावी रणनीति बनाने में जुटी है, तो वहीं दूसरी ओर बीजेपी को JMM की ये कोशिश रास नहीं आ रही. बीजेपी का कहना है कि राज्य सरकार की तो कई योजनाएं ही फ्लॉप हो गई हैं. बीजेपी का दावा है कि राज्य की जनता JMM पर विश्वास कर ले ये संभव नहीं. बहरहाल, बैठक पर बयानबाजी का दौर तो जारी रहेगा. बीजेपी को JMM की कोशिश रास आए या ना आए, लेकिन JMM एड़ी चोटी का जोर लगाकर 24 के रण की तैयारी कर रही है. बीजेपी भी इन तैयारियों में पीछे नहीं है. लेकिन देखना ये होगा कि चुनावी समर में किसकी कोशिश रंग लाती है.

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