चांडिल में निजी जमीन पर रात के अंधेरे में गिट्टी डालने का आरोप, जमीन मालिक ने जताया विरोध; प्रशासन की भूमिका पर उठाए सवाल
पुरिशीली में सरदार कुली के सामने टर्निंग पॉइंट के पास का मामला, सत्येंद्र सिंह बोले—बिना अनुमति जमीन पर कब्जे की कोशिश, थाने में देंगे लिखित शिकायत
चांडिल (सरायकेला-खरसावां): सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल क्षेत्र अंतर्गत पुरिशीली में सरदार कुली के सामने टर्निंग पॉइंट के पास निजी जमीन पर रात के अंधेरे में गिट्टी गिराकर उसे भरने का मामला सामने आया है। जमीन मालिक सत्येंद्र सिंह ने इसे अपनी जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास बताते हुए कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करने की बात कही है।
जमीन मालिक के अनुसार, यह घटना शुक्रवार की देर रात करीब 12 बजे से 2 बजे के बीच की बताई जा रही है। उनका आरोप है कि अज्ञात हाईवा के माध्यम से उनकी निजी जमीन पर गिट्टी गिराई गई। जब उन्हें इसकी जानकारी मिली और वे मौके पर पहुंचे, तो वहां गिट्टी पड़ी हुई थी। शनिवार सुबह करीब 10 बजे मिली जानकारी के अनुसार, जमीन का निरीक्षण करने पर उन्होंने देखा कि गड्ढे को गिट्टी से भर दिया गया है।
निजी जमीन पर किसके आदेश से गिराई गई गिट्टी?
सत्येंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि गिट्टी डालने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर एसडीओ के आदेश का हवाला दिया, लेकिन अपना परिचय दिए बिना ही वहां से चला गया। इससे जमीन मालिक के मन में कई सवाल खड़े हो गए हैं। उनका कहना है कि यदि किसी अधिकारी का आदेश था, तो उसकी जानकारी और संबंधित दस्तावेज स्पष्ट किए जाने चाहिए। वहीं, यदि बिना अनुमति उनकी जमीन पर गिट्टी डाली गई है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई होनी चाहिए।
जमीन मालिक बोले—थाने में देंगे लिखित शिकायत
सत्येंद्र सिंह ने कहा कि उनकी निजी जमीन पर इस तरह गिट्टी डालकर उसे भरना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह संबंधित थाने में लिखित शिकायत देकर मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे।
प्रशासन के सामने उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने निजी जमीन की सुरक्षा और प्रशासनिक आदेशों के कथित इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जमीन मालिक की सहमति या किसी वैध कानूनी प्रक्रिया के बिना निजी जमीन पर निर्माण सामग्री डाली गई है, तो मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। साथ ही, एसडीओ के आदेश का हवाला दिए जाने के दावे की भी आधिकारिक स्तर पर पुष्टि होनी चाहिए।
अब देखने वाली बात होगी कि संबंधित प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर जमीन की वास्तविक स्थिति, गिट्टी गिराने वाले वाहन और संबंधित व्यक्तियों की पहचान की जांच करता है या नहीं। फिलहाल, जमीन मालिक के आरोपों और कथित आदेश की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित प्रशासन और पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






