“नशामुक्ति की शुरुआत स्वयं से हो”—सहायक कुलसचिव

“नशामुक्ति की शुरुआत स्वयं से हो”—सहायक कुलसचिव
सहायक कुलसचिव श्रीमती अर्चना सिंह ने कहा कि नशामुक्ति की शुरुआत स्वयं से होती है। यदि युवा स्वयं जागरूक होंगे, तो वे अपने परिवार, मित्रों और समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, आत्मसंयम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।

“शिक्षा के साथ संस्कार और स्वस्थ जीवन भी जरूरी”—कुलसचिव
कुलसचिव डॉ० नीत नयना ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, संवेदनशील और जागरूक नागरिक बनाना भी है। उन्होंने कहा कि नशे से दूर रहकर विद्यार्थी अपनी ऊर्जा को शिक्षा, शोध, खेल, नवाचार और समाज सेवा में लगाएँ। उन्होंने नशामुक्त परिसर के निर्माण में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।

 

“युवा शक्ति को सही दिशा देना हम सबकी जिम्मेदारी”—कुलपति
कुलपति प्रोफेसर डॉ० ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने कहा कि युवा शक्ति किसी भी समाज और राष्ट्र की महत्वपूर्ण शक्ति है। यदि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा मिले, तो वे समाज में रचनात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से पूरी तरह दूरी बनाकर अपने जीवन के लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने तथा स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन अपनाने का आह्वान किया।

“नशामुक्त समाज केवल अभियान नहीं, सामूहिक संकल्प है”—कुलाधिपति
कार्यक्रम में कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह ने अपने प्रेरक संदेश में कहा कि “नशामुक्त समाज का निर्माण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी सामूहिक जिम्मेदारी और सामाजिक संकल्प है। युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं।”
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें शिक्षा, कौशल, खेल, संस्कार और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना आवश्यक है। नशे से मुक्ति केवल एक व्यक्ति के जीवन को नहीं बदलती, बल्कि पूरे परिवार और समाज के भविष्य को सुरक्षित करती है।
श्री सिंह ने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने मित्रों एवं समाज को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सोना देवी विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण, सामाजिक जिम्मेदारी और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर आगे बढ़ाता रहेगा।
उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसी युवा पीढ़ी का निर्माण होना चाहिए जो अपनी पहचान नशे से नहीं, बल्कि ज्ञान, प्रतिभा, संस्कार, मेहनत और अपने सपनों से बनाए।
कुलाधिपति श्री सिंह ने संदेश दिया—
“नशा छोड़िए, जीवन जोड़िए;
नशामुक्त युवा—सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र।”**
उन्होंने सभी उपस्थित विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय परिवार से नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

आभार एवं धन्यवाद
कार्यक्रम के अंत में प्रहरी सेल की श्रीमती पतत्रि माली ने आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कुलाधिपति, कुलपति, कुलसचिव, विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों, संकाय अध्यक्षों, विभागाध्यक्षों, शिक्षकगण, कर्मचारीगण तथा छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति का संदेश केवल कार्यक्रम तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी इसे अपने जीवन और समाज में व्यवहार के रूप में अपनाए।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के संकाय अध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान नशामुक्त जीवन, सकारात्मक सोच और युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का संदेश प्रमुखता से दिया गया।

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