“Wildlife Corridors: A Lifeline for Biodiversity” विषय पर 8 स्कूलों के 42 विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, 4 अक्टूबर को घोषित होंगे परिणाम
जमशेदपुर, 30 सितंबर 2026। वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से Wildlife Week Celebrations 2026 की पूर्व गतिविधियों के तहत टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क (TSZP), जमशेदपुर में बुधवार को ऑन-द-स्पॉट निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जमशेदपुर वन प्रमंडल के सहयोग से किया गया।
प्रतियोगिता का विषय “Wildlife Corridors: A Lifeline for Biodiversity” (वन्यजीव गलियारे: जैव विविधता की जीवनरेखा) रखा गया था। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को वन्यजीवों के प्राकृतिक आवागमन मार्ग, उनके आवासों की सुरक्षा और जैव विविधता के संरक्षण में वन्यजीव गलियारों की भूमिका पर अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
आठ स्कूलों के 42 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
प्रतियोगिता में जमशेदपुर के आठ विद्यालयों से कक्षा 9वीं से 12वीं तक के कुल 42 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने निबंध के माध्यम से वन्यजीवों के संरक्षण, जंगलों के बीच संपर्क बनाए रखने तथा मानव गतिविधियों से वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर पड़ने वाले प्रभाव जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।
प्रतियोगिता में प्राप्त प्रविष्टियों का मूल्यांकन निर्णायकों की एक समिति द्वारा किया जाएगा। विजेताओं के नाम 4 अक्टूबर 2026 को घोषित किए जाएंगे। इसी दिन Wildlife Week के समापन समारोह के दौरान दोपहर 1:30 बजे से टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में पुरस्कार वितरण किया जाएगा।
1 अक्टूबर को वन चेतना केंद्र में क्विज प्रतियोगिता
Wildlife Week Celebrations के तहत अगली गतिविधि 1 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी। मानगो स्थित फॉरेस्ट ऑफिस के वन चेतना केंद्र में कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए क्विज प्रतियोगिता होगी।
क्विज में वन्यजीव, जैव विविधता और प्रकृति संरक्षण से संबंधित प्रश्न शामिल किए जाएंगे। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में वन्यजीव संरक्षण के प्रति रुचि पैदा करने के साथ पर्यावरणीय स्थिरता के महत्व के बारे में उनकी जानकारी बढ़ाना है।
विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण से जोड़ने की पहल
Wildlife Week के तहत आयोजित ये गतिविधियां विद्यार्थियों को केवल प्रतियोगिता का मंच देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें प्रकृति, जंगल और वन्यजीवों के बीच आपसी संबंध को समझने के लिए प्रेरित करने की पहल भी हैं। कार्यक्रम के माध्यम से नई पीढ़ी में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता की रक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।






