स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी, कहा—छठ से पहले नहीं रुका बालू उठाव तो श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर बढ़ सकता है खतरा
जमशेदपुर। लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारियों से पहले एक छठ पूजा घाट की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। सामने आए वीडियो को लेकर स्थानीय लोगों का आरोप है कि घाट और नदी क्षेत्र से लगातार बालू का उठाव किया जा रहा है। बालू निकाले जाने के कारण घाट के आसपास कई स्थानों पर गड्ढे बन गए हैं, जिससे आने वाले दिनों में यहां पहुंचने वाले छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मशीनों और वाहनों से बालू उठाव किए जाने का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी घाट से बालू निकालने का सिलसिला लगातार जारी है। आरोप है कि बालू निकालने के दौरान घाट की प्राकृतिक सतह को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। जहां छठ महापर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए नदी में उतरते हैं, वहां गड्ढे बनना गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।
वीडियो में घाट क्षेत्र की स्थिति दिखाई दे रही है, हालांकि बालू उठाव की वैधता, संबंधित लोगों की पहचान और गतिविधि के लिए किसी प्रकार की अनुमति होने या नहीं होने की आधिकारिक पुष्टि अभी आवश्यक है।
छठ व्रतियों की सुरक्षा को लेकर चिंता
छठ पूजा के दौरान महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाट पर पहुंचते हैं। ऐसे में पानी के अंदर या किनारे बने गहरे गड्ढों का अंदाजा श्रद्धालुओं को नहीं लगने पर हादसे की आशंका बनी रह सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को छठ पूजा से काफी पहले घाट का निरीक्षण कराना चाहिए। जिन स्थानों पर गड्ढे हो गए हैं, उन्हें चिह्नित कर सुरक्षित कराया जाए और आवश्यकता के अनुसार बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए।
प्रशासन और खनन विभाग से कार्रवाई की मांग
लोगों ने जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और खनन विभाग से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सबसे पहले यह स्पष्ट किया जाए कि घाट से हो रहा बालू उठाव वैध है या अवैध। यदि बिना अनुमति बालू निकाला जा रहा है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही छठ पूजा को ध्यान में रखते हुए घाट पर किसी भी ऐसी गतिविधि को तत्काल रोका जाए जिससे घाट की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
बड़ा सवाल—छठ से पहले घाट कैसे होगा सुरक्षित?
अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा का है। यदि घाट पर बने गड्ढों को समय रहते नहीं भरा गया और पानी बढ़ने के बाद वे दिखाई नहीं दिए तो खतरा और बढ़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित छठ घाट का तत्काल भौतिक निरीक्षण कराया जाए, गड्ढों की गहराई की जांच हो और छठ महापर्व से पहले पूरे घाट को सुरक्षित एवं व्यवस्थित किया जाए।
स्थानीय लोगों की मांग है—छठ घाटों की पवित्रता और सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो तथा कथित अवैध बालू उठाव की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
नोट: खबर में बालू के कथित अवैध उठाव संबंधी बातें स्थानीय आरोप और उपलब्ध वीडियो पर आधारित हैं। प्रशासन/खनन विभाग की आधिकारिक जांच या प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।






