रेल सिविल डिफेंस ने भूकंप और बज्रपात आपदा में प्राथमिक सुरक्षा कार्य प्रशिक्षण दिया

भारतीय रेल के तीन जोन के कुल 340 रेलकर्मियों ने भाग लिया

संतोष कुमार अतिथि व्याख्याता, अत्यधिक उपस्थित प्रशिक्षण दो सत्रों में आयोजित की गई प्रशिक्षण

टाटानगर रेल सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर ने जोनल प्रशिक्षण संस्थान सिनी में अतिथि व्याख्याता के रूप में उपस्थित होकर आपदा प्रबंधन कार्यो की प्रशिक्षण दिया । प्रशिक्षण कार्यक्रम मे इस्ट कोस्ट रेलवे, दक्षिण पूर्व रेलवे, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर, संबलपुर,खुर्दा, भुवनेश्वर, नागपुर,रायगढ़,रांची,आद्रा खड़कपुर के रेल कर्मियो ने भाग लिया ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का सुआरम्भ प्रार्थना सभा से हुई, संस्थान के प्रार्चाय, उप प्राचार्य, मुख्य अनुदेशक के साथ सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर राष्ट्रपति सम्मानित सदस्य संतोष कुमार उपस्थित रहे ।
सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि आपदाएं चाहे प्राकृतिक हो या मानव निर्मित यह किसी भी देश,राज्य, शहर के लिए उन्नति के मार्ग में बाधक होती है और इसके प्रभाव से राष्ट्र को कई साल पीछे धकेल देती है इन आपदाओं में कितने लोगों की जान चली जाती है करोड़ों रुपए की संपत्ति नष्ट हो जाती है ।
विशेष प्रशिक्षण सत्र में भूकंप आने पर जिवन रक्षा सुरक्षा के प्रारंभ्मिक कदम की प्रशिक्षण दिया । बताया गया की भूकंप की सूचना अभास झटको का एहसास होने के तुरंत घर ऑफिस या बिल्डिंग से बाहर निकल खुले स्थान पर चले जाए, ध्यान रहे बिजली के पोल बड़ी इमारत और बड़े पेड़ के नीचे खड़े ना रहे । लिफ्ट का प्रयोग ना करें, अगर आप कार चला रहे हो तो कार से बाहर निकल खाली जगह पर चले जाए । कार्यालय, घर, से न निकल पाने की स्थिती में दिवाल से सटकर कोने वाले भाग में जाकर छिप जाए जो सबसे सुरक्षित जगह होती है । टेबल,कुर्सी के नीचे बैठ कर जीवन रक्षा बचाव कर सकते है । वज्रपात के दौरान वचाव सुरक्षा,गोल्डन आवर के कार्य, एम्बुलेस सेवा, ट्राई एज, प्राथमिक चिकित्सा विधि, फर्स्ट एडर,ड्रेसर के स्वभाव, गुण, सीपीआर,स्नैक एण्ड डॉग बाईट के साथ फायर फाइटिंग की प्रशिक्षण पावर प्वाइंट डिजिटल माध्यम से दिया ।
सभागार भरी होने के कारण व्याख्यान दो शिफ्ट में आयोजित की गई ।
डेमोस्ट्रेटर अनिल कुमार सिंह द्वारा क्लासरूम दफ्तर में भूकंप आने पर स्वयं की रक्षा के लिए बचाव का मॉक ड्रिल कर प्रशिक्षित किया फायर एक्सटिंग्विशर पास रूल का प्रशिक्षण दिया ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारतिय रेल तीन जोन के रिफ्रेशर स्टेशन मैनेजर, रिफ्रेशर ट्रेन मैनेजर, प्रो स्टेशन मैनेजर, प्रो पैसेंजर ट्रेन मैनेजर उपस्थित रहे ।
रोचक और कुशल प्रशिक्षण विधि की भूरी – भूरी प्रसांसा प्रशिक्षणर्थी रेल कर्मियों ने किया अंत में धन्यबाद ज्ञापन संस्थान के मुख्य अनुदेशक ने किया

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