टाटा मेन हॉस्पिटल, जमशेदपुर, 1 से 7 अगस्त 2026 तक विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर वैश्विक समुदाय के साथ जुड़कर इस अभियान का जश्न मना रहा है। हम जीवन की स्वस्थ शुरुआत के आधार स्तंभ के रूप में स्तनपान को बढ़ावा देने, उसकी सुरक्षा करने और उसे समर्थन देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।
इस साल की थीम, “स्वस्थ भविष्य की शुरुआत स्तनपान से: जो कारगर है, उसे और मज़बूत करें”, हमें यह याद दिलाती है कि स्तनपान माँ और शिशु, दोनों के स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण को सुनिश्चित करने का सबसे सरल, प्रभावी और सतत उपायों में से एक है।
पूरे सप्ताह के दौरान टाटा मेन हॉस्पिटल द्वारा जागरूकता कार्यक्रमों, शैक्षणिक सत्रों, परामर्श गतिविधियों तथा सामुदायिक जन-जागरूकता पहलों की एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इनका उद्देश्य नई एवं गर्भवती माताओं को सही जानकारी और व्यावहारिक सहयोग प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाना है। ये गतिविधियाँ न केवल जागरूकता बढ़ाने के लिए हैं, बल्कि स्तनपान से जुड़ी आम भ्रांतियों को दूर करने के लिए भी हैं, जो अक्सर माताओं को सर्वोत्तम स्तनपान पद्धतियों को अपनाने से रोकती हैं।
उद्घाटन समारोह का एक प्रमुख आकर्षण हमारे स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा प्रस्तुत प्रेरक नुक्कड़ नाटक और मिथकों को दूर करने वाले सत्र रहे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से स्तनपान से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही भ्रांतियों को प्रभावी ढंग से चुनौती दी गई, विशेषकर जन्म के बाद निकलने वाले गाढ़े पीले रंग के पहले दूध (कोलोस्ट्रम) को फेंक देने जैसी हानिकारक प्रथा के बारे में जागरूकता फैलाने पर विशेष बल दिया गया।
शिशु का “पहला टीका” या “अमृत समान पहला आहार” कहे जाने वाला कोलोस्ट्रम एंटीबॉडी, पोषक तत्वों और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले तत्वों से भरपूर होता है। यह नवजात को संक्रमणों से सुरक्षा प्रदान करता है और उसके आजीवन अच्छे स्वास्थ्य की मजबूत नींव रखता है। इन संवादात्मक सत्रों के माध्यम से माताओं और उनके परिवारों को कोलोस्ट्रम के महत्व से अवगत कराया गया तथा यह संदेश दिया गया कि प्रत्येक नवजात को यह अमूल्य पहला पोषण अवश्य मिलना चाहिए।
स्तनपान केवल पोषण का माध्यम नहीं, बल्कि शिशु के समग्र विकास की आधारशिला है। जीवन के पहले छह महीनों में यह शिशु को सभी आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है, उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है, स्वस्थ शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा देता है तथा माँ और शिशु के बीच भावनात्मक संबंध को और गहरा करता है। इतना ही नहीं, स्तनपान माताओं के स्वास्थ्य और उनके समग्र कल्याण के लिए भी बेहद फायदेमंद है।
यह दृढ़ विश्वास है कि सफलता पूर्वक स्तनपान कराना एक साझा जिम्मेदारी है। हालांकि स्तनपान की इस यात्रा में माँ की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है, फिर भी परिवार, स्वास्थ्यकर्मियों, नियोक्ताओं और पूरे समाज का सहयोग समान रूप से आवश्यक है। एक सहयोगपूर्ण और सकारात्मक वातावरण माताओं को आत्मविश्वास के साथ स्तनपान कराने तथा इस दौरान आने वाली चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने में सक्षम बनाता है।
टाटा मेन हॉस्पिटल में विशेष रूप से प्रशिक्षित नर्सों की एक समर्पित टीम गर्भावस्था तथा प्रसव के बाद, दोनों चरणों में माताओं को स्तनपान संबंधी व्यापक सहयोग प्रदान करती है। वे माताओं को स्तनपान की सही तकनीक, शिशु को सही स्थिति में रखने और स्तनपान कराने की उचित विधि तथा प्रभावी दुग्धपान प्रबंधन के बारे में शिक्षित और सशक्त बनाती हैं। इसके साथ ही, नर्सें माताओं की शंकाओं का समाधान करती हैं, भ्रांतियों को दूर करती हैं और स्तनपान से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए उन्हें व्यक्तिगत मार्गदर्शन भी प्रदान करती हैं।
विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर हम स्वास्थ्यकर्मियों, परिवारों और समाज के सभी लोगों से आह्वान करते हैं कि वे स्तनपान के अनुकूल वातावरण और संस्कृति के निर्माण में सहभागी बनें। आइए, जो कारगर है उसे और सशक्त करें, भ्रांतियों को दूर करें, हर माँ का सहयोग करें और यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक शिशु को जीवन की सर्वोत्तम शुरुआत मिल सके।
हर माँ सहयोग की हकदार है। हर शिशु माँ के दूध के अमूल्य उपहार का अधिकारी है। आइए, मिलकर एक-एक बच्चे के माध्यम से स्वस्थ, सशक्त और बेहतर भविष्य का निर्माण करें।




