रक्षाबंधन पर जमशेदपुर पूर्वी की विधायिका श्रीमती पूर्णिमा साहू जी का भावुक संदेश 🌸

​”राखी सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि प्रेम, अटूट विश्वास और सुरक्षा का पवित्र बंधन है।”
​इस वर्ष रक्षाबंधन के पावन अवसर पर जमशेदपुर पूर्वी की लोकप्रिय विधायिका श्रीमती पूर्णिमा साहू जी ने समस्त जमशेदपुर वासियों, झारखंड वासियों और विशेषकर हमारी प्यारी बहनों से एक विशेष और आत्मीय अपील की है। आइए, इस रक्षाबंधन को और अधिक सार्थक, पर्यावरण-अनुकूल और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से जोड़ें!
​🌟 विधायिका जी की प्रमुख अपीलें:
​’लोकल फॉर वोकल’ को दें बढ़ावा: इस रक्षाबंधन पर हमारी बहनें अपने हाथों से बनी पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) राखियां ही भाइयों को भेजें। यदि आप राखी खरीद रही हैं, तो हमारे स्थानीय कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की बहनों द्वारा बनाई गई स्वदेशी राखियां ही खरीदें। इससे हमारे स्थानीय परिवारों को संबल मिलेगा।
​ऑनलाइन के बजाय ‘डाक विभाग’ का करें उपयोग: ऑनलाइन माध्यमों से सीधे राखी भेजने में वह अपनत्व और भावनात्मक स्पर्श नहीं मिल पाता। इसलिए, अपनी राखियों को अपने हाथों से छूकर, अपनी भावनाओं को समेटकर, भारत सरकार के संचार मंत्रालय, डाक विभाग के ‘स्पीड पोस्ट’ (Speed Post) के माध्यम से ही अपने भाइयों तक भेजें।


​देश के वीर जवानों को भेजें सुरक्षा का सूत्र: सरहद पर हमारी सुरक्षा में तैनात उन वीर भाइयों को भी राखी भेजना न भूलें, जो हमारे सुखी और सुरक्षित जीवन के लिए दिन-रात मुस्तैद खड़े हैं।
​”जब तक बहन के हाथों का स्पर्श राखी की डोर को नहीं छुएगा, तब तक भाई की कलाई तक वो सच्चा प्यार कैसे पहुंचेगा? ऑनलाइन के इस दौर में आइए, डाक विभाग के माध्यम से अपनी भावनाओं को अपने भाइयों तक पहुंचाएं और इस रिश्ते को और मजबूत बनाएं।”
— श्रीमती पूर्णिमा साहू, विधायिका (जमशेदपुर पूर्वी)

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई

जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त की अध्यक्षता में परीक्षा के सफल संचालन को लेकर टाउन हॉल में हुई बैठक, एसएसपी, सिटी एवं ग्रामीण एसपी, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर समेत अन्य पदाधिकारी हुए शामिल, शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त परीक्षा संचालन को लेकर दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश

जिला शिक्षा स्थापना समिति द्वारा लिए गए निर्णय के आलोक में पूर्वी सिंहभूम जिले में नवनियुक्त सहायक आचार्यों का विद्यार्थियों के हित तथा विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आवश्यकता-आधारित एवं पारदर्शी तरीके से पदस्थापन किया गया है