राज्य में लागू 2013 जमीन अधिग्रहण कानून का विस्थापितों को मिले लाभ
टाटा लीज नवीनीकरण के मुद्दे पर झारखंड मूलवासी अधिकार मंच ने कोल्हान आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
जमशेदपुर : झारखंड मूलवासी अधिकार मंच का प्रतिनिधिमंडल आज मंच के मुख्य संयोजक हरमोहन महतो के नेतृत्व में कोल्हान आयुक्त रवि रंजन विक्रम को ज्ञापन सौंपकर टाटा स्टील के प्रस्तावित लीज नवीनीकरण से पहले जमशेदपुर के 18 मौजा के मूल रैयतों, आदिवासियों एवं टाटा विस्थापितों का सर्वे कर उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है. मंच ने मांग की कि 1908 एवं 1937 के खतियान को मान्यता दी जाए, वर्ष 1996 के खतियान को निरस्त किया जाए तथा बिना लीज या बिना अधिग्रहण के कब्जे वाली भूमि की पहचान कर उसे मूल रैयतों को वापस किया जाए.

ज्ञापन के माध्यम से मंच ने अपनी प्रमुख मांगों में 18 मौजा का सर्वे, 2005 के लीज नवीनीकरण की पुनः समीक्षा, अवैध कब्जों पर कार्रवाई, ग्रामसभा की लिखित सहमति के बिना भूमि संबंधी निर्णयों पर रोक, विस्थापितों को लीज नवीनीकरण प्रक्रिया में प्रतिनिधित्व, भूमि उपयोग एवं रिकॉर्ड सार्वजनिक करने, विस्थापितों के पुनर्वास, रोजगार और आजीविका सुनिश्चित करने, जिला स्तरीय निगरानी समिति के गठन तथा रैयतों को विस्थापित प्रमाण पत्र देने की मांग की है.
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि 1909, 1912 और 1929 के समझौतों तथा 20 अगस्त 2005 के लीज नवीनीकरण से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कर मूल रैयत खतियानधारियों को न्याय दिलाया जाए. हरमोहन ने आयुक्त से आग्रह किया कि भू-राजस्व विभाग को आवश्यक प्रस्ताव भेजकर टाटा विस्थापितों और मूल रैयतों का सर्वे कराया जाए तथा लीज नवीनीकरण से पूर्व उनके अधिकारों और दावों का निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित किया जाए. ज्ञापन सौंपनेवालों में हरमोहन महतो, प्रहलाद गोप, सानंद प्रधान, मनोज बोदरा, अभिषेक प्रधान आदि मौजूद थे.




