विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न(FAQ’S)

जिला जनसंपर्क कार्यालय, पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर
प्रेस विज्ञप्ति 453/2026
07 जुलाई 2026

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न(FAQ’S)

प्रश्न- यदि मतदाता के माता-पिता नहीं हैं, या उनके माता-पिता की मृत्यु पिछले SIR से पहले हो गई थी, या उनके मातापिता ने पिछले SIR में उनके नाम रजिस्टर नहीं कराए थे, तो क्या उन्हें उनके नाना-नानी के साथ मैप किया जा सकता है?

उत्तर- हाँ। यदि मतदाता के माता-पिता नहीं हैं, या पिछले SIR से पहले उनकी मृत्यु हो गई थी, या उन्होंने पिछले SIR में अपना नाम रजिस्टर नहीं कराया था, तो उन्हें उनके नाना-नानी/ दादा-दादी (maternal grandparents) के साथ मैप किया जा सकता है। हालाँकि, यदि उन्हें नोटिस और वेरिफिकेशन की अवधि (5 अगस्त 2026 से 3 अक्टूबर 2026) के दौरान ERO से कोई नोटिस मिलता है, तो उन्हें ERO को संतुष्ट करने के लिए दस्तावेजी सबूत जमा करने होंगे।

प्रश्न- यदि किसी BLO ने BLO ऐप के ज़रिए ECINET में गलत तरीके से मतदाता की या उनके माता-पिता की मैपिंग की है, तो इस मैपिंग को ठीक करने की क्या प्रक्रिया है, चाहे यह जानबूझकर किया गया हो या अनजाने में?

उत्तर- ERO/AERO द्वारा स्वीकार किए जाने से पहले, मतदाता की या उनके माता-पिता की मैपिंग कई स्तरों पर जांच से गुज़रती है। जैसे ही BLO मैपिंग पूरी करता है, ECINET इसकी सटीकता की पुष्टि करने के लिए सिस्टम चेक करता है। यदि मैपिंग गलत तरीके से की गई है या उसमें कोई गड़बड़ी है, तो इसे ‘एनोमली (विसंगति) के तौर पर चिह्नित किया जाता है। मतदाता द्वारा गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फ़ॉर्म) जमा करने के बाद, BLO इसे अपनी टिप्पणियों के साथ BLO सुपरवाइज़र को भेजता है। सुपरवाइज़र झारखंड या अन्य राज्यों की पिछली SIR की मतदाता सूची के आधार पर या ऑनलाइन जानकारी की भौतिक रूप से जांच करते हैं। तत्पश्चात् सुपरवाइजर जांच और अंतिम मंजूरी के लिए जांचा हुआ गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फ़ॉर्म) AERO / ERO को भेजते हैं। संबंधित प्रपत्र को स्वीकृति देने से पहले AERO / ERO मैपिंग की समीक्षा करते हैं। इस तरह स्वयं की या माता-पिता की सभी मैपिंग ECINET सिस्टम चेक और उस विधानसभा क्षेत्र के चुनावी तंत्र द्वारा कई स्तरों पर सत्यापन से गुज़रती है। इसके अलावा, सभी प्रपत्रों की DEO/ रोल ऑब्जर्वर और CEO कार्यालय व ECI के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा रैंडम सुपर चेकिंग भी की जाती है।

प्रश्न- यदि कोई मतदाता प्रवासी मजदूर है, राज्य के बाहर पढ़ाई कर रहा छात्र है, आदि, और गणना चरण के समय झारखंड से बाहर है, तो उनके लिए अपना गणना प्रपत्र ( एन्यूमरेशन फ़ॉर्म) जमा करने की क्या व्यवस्था है?

उत्तर- ऐसे सभी मामलों में, यदि मतदाता गणना चरण के दौरान अपने मतदान केन्द्र क्षेत्र में मौजूद नहीं है, तो उनके परिवार का कोई वयस्क सदस्य (जो उसी मतदान केन्द्र का पंजीकृत मतदाता हो) उस व्यक्ति के साथ अपना संबंध साफ-साफ बताते हुए गणना प्रपत्र (एन्यूनरेशन फ़ॉर्म) हस्ताक्षर करके संबंधित BLO को जमा कर सकते हैं। इसके अलावा, गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फ़ॉर्म) ऑनलाइन माध्यम से भी जमा किया जा सकता है, या इलेक्ट्रॉनिक रूप से सीधे अपने मतदान केन्द्र के BLO से फ़ॉर्म लेकर, साइन किया हुआ फ़ॉर्म तय समय के अंदर इलेक्ट्रॉनिक रूप से सीधे BLO को वापस जमा किया जा सकता है। संक्षेप में, 2026 की मौजूदा मतदाता सूची में शामिल सभी मतदाताओं के लिए यह जरूरी है कि वे अपना गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फ़ॉर्म) स्वयं हस्ताक्षर करके या परिवार के सदस्यों के माध्यम से अवश्य जमा करें, ताकि उनका नाम SIR 2026 की 5 अगस्त 2026 को प्रकाशित होने वाली प्ररूप (ड्राफ़्ट) मतदाता सूची में शामिल हो सके।

प्रश्न- यदि मतदाता प्रवासी मजदूर है, राज्य के बाहर पढ़ाई कर रहा छात्र हैं, आदि और गणना चरण के दौरान वह मतदाता राज्य से बाहर है, तो क्या परिवार के सदस्य उसकी तरफ से गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फ़ॉर्म) पर हस्ताक्षर कर सकते हैं?

उत्तर- हाँ, परिवार का कोई वयस्क सदस्य जो उस मतदान केन्द्र का वोटर है, प्रवासी मज़दूर या राज्य के बाहर पढ़ाई कर रहे छात्र की ओर से गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) पर हस्ताक्षर कर सकता है, बशर्ते वह उस व्यक्ति के साथ अपने संबंध को स्पष्ट तौर पर दर्शाएं।

प्रश्न- SSR और SIR में प्रारूप (ड्राफ़्ट) मतदाता सूची प्रकाशित करने की प्रक्रिया में क्या अंतर है?
उत्तर- SSR (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) आमतौर पर प्रत्येक वर्ष होने वाली प्रक्रिया है, जबकि SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) लगभग हर दस साल में एक बार या आवश्यकतानुसार किया जाता है-इस बार यह लगभग 20-22 वर्ष बाद किया जा रहा है। SIR में वोटरों का नए सिरे से पंजीकरण किया जाता है, जो SSR में नहीं होता है। SSR के दौरान, मौजूदा मूल मतदाता सूची में सभी सूची को मिला दिया जाता है और सभी मौजूदा मतदाताओं के क्रम को आगे बढ़ाते हुए प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित की जाती है। SIR में मौजूदा मतदाताओं के क्रम को आगे नहीं बढ़ाया जाता है. इसके बजाय, नए सिरे से पंजीकरण के लिए सभी मतदाताओं को एक गणना प्रपत्र (एज्यूमरेशन फ्रॉर्न) भरना होता है। इसलिए, SIR प्ररूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची में शामिल होने के लिए हस्ताक्षर किया हुआ गणना प्रपत्र (पन्यूमरेशन फॉर्म) जमा करना आवश्यक है। आखिर में, SIR में जिन भी मतदाताओं के साइन किए हुए गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) मिल जाएंगे चाहे उनमें स्वयं की, माता-पिता की मैपिंग हो या न हो उन्हें प्ररूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।

प्रश्न- क्या SIR 2026 की प्ररूप (ड्राफ़्ट) मतदाता सूची में शामिल होने के लिए, 2026 की मतदाता सूची में पहले से मौजूद मतदाताओं को हस्ताक्षर किया हुआ गणना प्रपत्र ( एन्यूमरेशन फॉर्म) जमा करना ज़रूरी है?
उत्तर- हाँ. 2026 की मौजूदा मतदाता सूची में शामिल सभी मतदातओं को प्ररूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करवाने के लिए अपने संबंधित BLO को पूरी जानकारी के साथ हस्ताक्षर किया हुआ गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फ़ॉर्म) जमा करना चाहिए अन्यथा उनका नाम SIR 2026 की प्ररूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जा सकेगा। वर्तमान के मतदाता गणना प्रपत्र (एज्यूमरेशन फ़ॉर्म) ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं। क्योंकि SIR में नए सिरे से पंजीकरण होता है। इसलिए नाम शामिल करवाने के लिए सही से भरा हुआ और हस्ताक्षर किया हुआ गणना प्रपत्र (पन्यूमरेशन फ्रॉर्म) BLO को जमा करना जरूरी है।

प्रश्न- मतदाताओं की वे कौन-सी श्रेणियां हैं जिनके नाम 2026 की मतदाता सूची में तो हैं, लेविन्न SIR की प्ररूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे?
उत्तर- मतदाताओं की पाँच ऐसी श्रेणियाँ हैं जिनके नाम 2026 की मतदाता सूची में मौजूद हैं, लेकिन उनके नाम SIR 2026 की प्ररूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएँगे:-

1. पहले से नामांकित (डुप्लिकेट/एक से अधिक बार नामांकित मतदाता) ‘लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 17 और 18 के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में मतदाता के तौर पर पंजीकृत होने का हकदार नहीं है और न ही कोई व्यक्ति किसी निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में एक से अधिक बार मतदाता के तौर पर पंजीकृत हो सकता है। ऐसे डुप्लिकेट/एक से अधिक बार दर्ज मतदाताओं को उस मतदान केंद्र की सूची में शामिल किया जाएगा जहाँ उन्होंने हस्ताक्षर किया हुआ गणना प्रपत्र (पन्यूमरेशन फॉर्म) जमा किया है। और उनका नाम उन मतदान केंद्रों की सूची में शामिल नहीं किया जाएगा जहाँ उन्होंने बिना हस्ताक्षर वाला गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) कारण बताते हुए लौटाया है।

2. मृत (D): मतदाता सूची को शुद्ध एवं स्वच्छ बनाने की प्रक्रिया के तहत 2026 की बर्तमान मतदाता सूची से सभी मृत मतदाताओं के नाम हटाया जाना चाहिए और उन्हें SIR 2026 की प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।

3. स्थायी रूप से स्थानांतरित (S): नौकरी शादी या किसी अन्य कारण से, मतदाता सूची 2026 के कुछ मतदाता स्थायी रूप से दूसरे मतदान केंद्र क्षेत्र में चले गए हैं और उन्होंने पहले से पंजीकृत मतदान केंद्र से अपना नाम नहीं हटवाया है। ऐसे सभी स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं के नाम मौजूदा मतदाता सूची 2026 से हटा दिया जाना चाहिए और उन्हें SIR 2026 की प्ररूप (द्वाफ्ट) मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।

4. अनुपस्थित मतदाता (A): कुछ विधानसभा क्षेत्रों के कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के नाम दर्ज हैं, लेकिन इन मतदाताओं के बारे में कोई कुछ नहीं जानता है। इन मतदाताओं ने बभी BLO से संपर्क नहीं किया है और न ही BLO या उस मतदान केंद्र पर पंजीकृत स्थानीय मतदाताओं को मतदाता सूची में इन मतदाताओं के नाम के बारे में कोई जानकारी है। ऐसे सभी अनुपस्थित अज्ञात मतदाताओं के नामों को 2026 की मौजूदा मतदाता सूची से हटा दिया जाना चाहिए और उन्हें SIR 2026 की प्ररूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।

5. EF पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने वाले (F- Foreigners): इस श्रेणी में मतदाताओं की दो उप-श्रेणी आती हैं। पहली वैसे मतदाता जो 2026 की वर्तमान मतदाता सूची में तो हैं, लेकिन दूसरे देश चले गए हैं और वहाँ की नागरिकला ली है फिर भी उन्होंने भारत की मतदाता सूची से अपना नाम नहीं हटवाया है। दूसरी झारखंड में कुछ गैर-भारतीय रह रहे हैं कई वैध तौर पर और कई अवैध रूप से। इनमें से कई गैर-भारतीयों ने पिछले SSR या मतदाता सूची को लगातार अपडेट करने के दौरान फॉर्म 6 में गलत जानकारी देकर गैर-कानूनी तरीके से स्वयं की मतदाता के तौर पर पंजीकृत कराया था। चूंकि ये गैर-भाररतीय गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते क्योंकि यह प्रक्रिया सिर्फ भारत के नागरिकों के लिए है। इसलिए झारखंड मे रह रहे इन गैर-भारतीय (चाहे वे कानूनी तौर पर ही या गैर-कानूनी तौर पर) से उम्मीद की जाती है कि वे बिना साइन किया हुआ गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) BLO को लौटाया है। इन गैर-भारतीयों के नाम 2026 की प्ररूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।

प्रश्न- ऐसे गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फ़ॉर्म) क्या हैं जिन्हें संग्रहित नहीं किया जा सकता?
उत्तर- प्रत्येक BLO की ज़िम्मेदारी है कि वह 2026 की मतदाता सूची में शामिल सभी वर्तमान मतदाताओं को गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) वितरित करें। घर-घर जाकर जानकारी इकट्ठा करते समय, BLO इन पाँच श्रेणियों के लोगों से साइन किए हुए फ़ॉर्म शायद न ले पाए:- (1) पहले से पंजीकृत (डुप्लिकेट/ एक से अधिक बार पंजीकृत), (2) जिनकी मृत्यु हो चुकी है, (3) जो हमेशा के लिए कहीं और चले गए हैं, (4) जो मौजूद नहीं हैं/ जिनका पता नहीं चल पा रहा है, और (5) जिन्होंने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया (गैर-भारतीय)। बिना हस्ताक्षर वाले इन फॉर्म को संग्रहित न हो पाने वाले गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फ़ॉर्म) माना जाता है। BLO को इन फॉर्म को डिजिटाइज़ करना होगा, ECINET पर अपलोड करना होगा और संग्रहित न हो पाने वाले (uncollectable) कैटेगरी के तहत इनका उचित कारण भी दर्ज करना होगा।

प्रश्न- यदि किसी मतदाता ने गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फ़ॉर्म) जमा कर दिया है और BLO से उसकी दूसरी कॉपी पर रसीद भी ले ली है, फिर भी उसका नाम प्ररूप (ड्रास्ट) मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, तो उसके पास क्या विकल्प हैं?
उत्तर- आम तौर पर ऐसा नहीं होना चाहिए। हालाँकि, यदि BLO को भरा हुआ गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फ़ॉर्म) जमा करने के बावजूद किसी व्यक्ति का नाम प्ररूप (ड्राफ़्ट) मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाता है, तो वह व्यक्ति दावे और आपत्तियों की अवधि (अर्थात् 05.08.2026 से 04.09.2026 तक) के दौरान डिक्लेरेशन फ़ॉर्म (घोषणा पत्र) / एन्यूमरेशन फॉर्म के साथ फ़ॉर्म 6 जमा कर सकता है। ऐसे हर मामले की उचित जांच की जाएगी और यदि संबंधित अधिकारी की गलती पाई जाती है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकेगी।
प्रश्न- – जिन गैर-भारतीय नागरिकों को गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फ़ॉर्म) मिला है क्योंकि उनका नाम मौजूदा 2026 की वोटर लिस्ट में शामिल था उन्हें आगे क्या करना चाहिए?
उत्तर- उन सभी मतदाताओं के लिए एन्यूमरेशन फॉर्म छापे जाते हैं जिनके नाम 2026 की वोटर लिस्ट में हैं। हालांकि, भारत में कानूनी या गैरकानूनी रूप से रह रहे गैर-भारतीय की यह ज़िम्मेदारी है कि वे गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फ़ॉर्म) पर हस्ताक्षर न करें और उसे बिना भरे और बिना हस्ताक्षर किए BLO को लौटा दें। गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फ़ॉर्म) पर हस्ताक्षर करना गलत घोषणा करने के समान ही होगा, जो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के अन्तर्गत एक दंडनीय अपराध है।

प्रश्न- गैर-भारतीयों द्वारा गलत घोषणा करने के मामले में क्या कानूनी प्रावधान है?
उत्तर- गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फ़ॉर्म) पर हस्ताक्षर करना गलत घोषणा करने के बराबर होगा, जो ‘जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत एक दंडनीय अपराध है। जमा किए गए प्रत्येक गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फ़ॉर्म) की SIR प्रक्रिया के तहत अलग-अलग स्तरों पर कई बार जाँच की जाएगी, ताकि यह पक्का किया जा सके कि हर आवेदन ‘जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के अनुसार सही है, अतः, गैरभारतीय मतदाता के तौर पर पंजीकृत नहीं हो सकेंगे। इस प्रकार के अयोग्य आवेदनों को खारिज कर दिया जाएगा। यदि कोई गैर-भारतीय गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फ़ॉर्म) पर साइन करता है या घोषणा फ़ॉर्म के साथ फ़ॉर्म-6 जमा करता है, तो संबंधित AERO / ERO ऐसे आवेदक के खिलाफ संबंधित थाने में आपराधिक मामला दर्ज कराना होगा।

प्रश्न- भारत के बाहर रहने वाले भारतीय नागरिकों का नाम प्ररूप (ड्राफ़्ट) मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया क्या है?
उत्तर- अन्य देशों में रहने वाला कोई भारतीय नागरिक, जिन्होंने विदेशी नागरिकता नहीं ली है, ‘जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 20A के तहत अपने भारतीय पासपोर्ट पर दिए गए पते वाले मतदान केन्द्र पर मतदाता के तौर पर पंजीकृत हो सकते हैं। यदि वे पूर्व से ही 2026 की झारखंड की मतदाता सूची में पंजीकृत हैं, तो उन्हें एक गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फ़ॉर्म) मिलेगा, जिस पर वे साइन करके उसे ऑनलाइन जमा कर सकते हैं, या परिवार का कोई वयस्क सदस्य उनकी तरफ़ से हस्ताक्षर करके उसे BLO के पास जमा कर सकता है। यदि विदेश में रहने वाला नागरिक अभी तक पंजीकृत नहीं है, तो वे एक डिक्लेरेशन फॉर्म के साथ फॉर्म-6A जमा करते हुए, नए मतदाता के रूप में आवेदन कर सकते हैं।

#Team PRD (East Singhbhum)

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