डबल डाउन बार हत्याकांड के बाद जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन, एसआईटी गठित, बार को किया गया सील

डबल डाउन बार हत्याकांड के बाद जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन, एसआईटी गठित, बार को किया गया सील
जमशेदपुर: बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डबल डाउन बार में हुई मारपीट और उसके बाद एक युवक की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ अब प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उपायुक्त के निर्देश पर पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। साथ ही, घटना स्थल रहे डबल डाउन बार को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।
प्रशासन की ओर से गठित एसआईटी में आबकारी विभाग के एक सब-इंस्पेक्टर (एसआई) तथा दो सिपाहियों को शामिल किया गया है। यह टीम बार के लाइसेंस, संचालन, सुरक्षा व्यवस्था, निर्धारित नियमों के पालन, सीसीटीवी व्यवस्था, कर्मचारियों की भूमिका तथा घटना के समय मौजूद परिस्थितियों की विस्तृत जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, डबल डाउन बार में हुए विवाद के दौरान दो युवकों पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। इस घटना में गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह का इलाज के दौरान टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में निधन हो गया, जबकि एक अन्य युवक का इलाज जारी है। हिमांशु की मौत के बाद मामला हत्या में तब्दील हो गया और पूरे शहर में आक्रोश फैल गया।
घटना के बाद पुलिस ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे को निलंबित कर दिया। उनकी जगह निरंजन कुमार को नया थाना प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा, घटना के समय मौके पर मौजूद गश्ती दल के तीन पुलिसकर्मियों को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। पुलिस विभाग ने माना कि घटना के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं और इसकी विभागीय जांच भी की जा रही है।
प्रशासन की ओर से बार को सील किए जाने के दौरान आबकारी विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने बार परिसर का निरीक्षण किया और आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद प्रतिष्ठान को सील कर दिया। इस दौरान बार में मौजूद कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई तथा रिकॉर्ड जब्त किए गए। जांच टीम यह भी पता लगाएगी कि बार में सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था या नहीं, निर्धारित समय के बाद संचालन तो नहीं हो रहा था और किसी प्रकार की नियमों की अनदेखी तो नहीं की गई थी।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी बार में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, कर्मचारियों के बयान, सुरक्षा गार्डों की भूमिका और घटना के दौरान मौजूद लोगों से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ेगी। यदि जांच में किसी भी स्तर पर नियमों के उल्लंघन या लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।


दूसरी ओर, हिमांशु सिंह की मौत के बाद शहर में लोगों का गुस्सा भी देखने को मिला। परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। आरोप लगाया गया कि घटना के दौरान पुलिस समय रहते प्रभावी कार्रवाई करती तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी। इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसआईटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि बार प्रबंधन, कर्मचारियों या अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी तथा दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल पुलिस की आपराधिक जांच और जिला प्रशासन की प्रशासनिक जांच समानांतर रूप से जारी है। पूरे मामले पर शहरवासियों की नजर बनी हुई है और सभी को जांच रिपोर्ट तथा आगे होने वाली कार्रवाई का इंतजार है।

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई

जिला सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग पूर्वी सिंहभूम के दिशानिर्देश पर गीता थियेटर जमशेदपुर ने कल्याण फाउंडेशन के लिए आयोजित किया नशा मुक्ति जन जागरूकता अभियान तहत नुक्कड नाटको का मंचन – “नशा करे नाश