राज्यसभा चुनाव 2026: परिमल नाथवानी और बैजनाथ राम की जीत, झारखंड से दोनों उम्मीदवार पहुंचे संसद के उच्च सदन

राज्यसभा चुनाव 2026: परिमल नाथवानी और बैजनाथ राम की जीत, झारखंड से दोनों उम्मीदवार पहुंचे संसद के उच्च सदन
रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के साथ ही निर्दलीय एवं भाजपा समर्थित प्रत्याशी परिमल नाथवानी तथा झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उम्मीदवार बैजनाथ राम ने जीत दर्ज कर ली है। दोनों नेताओं की जीत के बाद राजनीतिक गलियारों में उत्साह का माहौल देखा गया। विधानसभा परिसर में समर्थकों ने एक-दूसरे को बधाई दी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के सफल संपन्न होने पर खुशी जताई।
राज्यसभा चुनाव के लिए हुए मतदान में कुल विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतगणना के दौरान तीन मतों को तकनीकी कारणों से रद्द कर दिया गया। इसके बाद हुई अंतिम गणना में निर्दलीय प्रत्याशी एवं भाजपा समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी को कुल 28 वोट प्राप्त हुए, जिसके आधार पर उन्होंने जीत दर्ज की। वहीं झामुमो प्रत्याशी बैजनाथ राम को भी आवश्यक समर्थन हासिल हुआ और वे भी राज्यसभा के लिए निर्वाचित घोषित किए गए।
जीत के बाद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड के विधायक राज्य के विकास और भविष्य को ध्यान में रखकर मतदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिमल नाथवानी को लगातार तीसरी बार झारखंड से राज्यसभा भेजना इस बात का प्रमाण है कि विभिन्न दलों के जनप्रतिनिधियों को उनके कार्यों और राज्य के प्रति योगदान पर भरोसा है।


मरांडी ने कहा, “परिमल नाथवानी ने पूर्व में भी झारखंड के विकास, औद्योगिक निवेश, खेल, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विधायकों ने उनके अनुभव और विकासोन्मुखी सोच को देखते हुए उन्हें समर्थन दिया है। हमें विश्वास है कि वे अपने नए कार्यकाल में भी झारखंड के हितों को मजबूती से संसद में उठाएंगे और राज्य के विकास के लिए प्रभावी भूमिका निभाएंगे।”
उन्होंने राज्यसभा चुनाव में समर्थन देने वाले सभी विधायक मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों का निर्णय सर्वोपरि होता है और इस चुनाव में विकास की राजनीति को प्राथमिकता मिली है।
वहीं झामुमो उम्मीदवार बैजनाथ राम की जीत को सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। बैजनाथ राम लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं तथा अनुसूचित जाति समुदाय के प्रमुख नेताओं में उनकी पहचान है। उनकी जीत को झामुमो और इंडिया गठबंधन की रणनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि झारखंड की राजनीति में विभिन्न दलों के बीच रणनीतिक समीकरण लगातार बदलते रहते हैं। एक ओर भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने जीत हासिल की, वहीं दूसरी ओर सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रत्याशी बैजनाथ राम भी निर्वाचित होने में सफल रहे। इससे दोनों प्रमुख राजनीतिक खेमों को अपनी-अपनी राजनीतिक ताकत प्रदर्शित करने का अवसर मिला है।
परिणाम घोषित होने के बाद समर्थकों ने दोनों विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी। राज्य के विभिन्न हिस्सों से शुभकामनाओं का सिलसिला जारी है। अब दोनों निर्वाचित सांसद आगामी कार्यकाल में झारखंड के विकास, जनहित के मुद्दों और राज्य से जुड़े विषयों को संसद के उच्च सदन में उठाने की जिम्मेदारी निभाएंगे।
झारखंड से राज्यसभा के लिए परिमल नाथवानी की लगातार तीसरी जीत को उनके राजनीतिक अनुभव और व्यापक स्वीकार्यता के रूप में देखा जा रहा है, जबकि बैजनाथ राम का राज्यसभा पहुंचना सामाजिक प्रतिनिधित्व और सत्तारूढ़ गठबंधन की राजनीतिक मजबूती का प्रतीक माना जा रहा है। राज्यसभा चुनाव के इस परिणाम ने झारखंड की राजनीति में नए राजनीतिक संदेश भी दिए हैं, जिनकी चर्चा आने वाले दिनों में जारी रहने की संभावना है।

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