रोजो संक्रांति पर मुक्तेश्वर धाम हरिना में कोल्हान के सबसे बड़े ऐतिहासिक मेले का शुभारंभ, श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़
पोटका: रोजो संक्रांति के पावन अवसर पर पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मुक्तेश्वर धाम हरिना में आयोजित होने वाले कोल्हान क्षेत्र के सबसे बड़े एवं ऐतिहासिक मेले का सोमवार को भव्य शुभारंभ हो गया। पांच दिनों तक चलने वाले इस पारंपरिक मेले में पहले ही दिन हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने मुक्तेश्वर बाबा के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना की तथा सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
परंपरा के अनुसार सोमवार की सुबह पातभोक्ता पूजन के साथ मेले का विधिवत उद्घाटन किया गया। पूजन के बाद मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सुबह से ही मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में भक्तों का तांता लगा रहा। दूर-दराज के गांवों और आसपास के जिलों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा मुक्तेश्वर के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

मेला परिसर में धार्मिक वातावरण के साथ-साथ उत्सव का माहौल भी देखने को मिला। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने मेले में लगी विभिन्न दुकानों, झूलों और मनोरंजन के साधनों का आनंद लिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में मेले को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। मेले में स्थानीय हस्तशिल्प, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, खिलौने, मिठाइयों और खान-पान की कई दुकानें आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
मेले के अवसर पर क्षेत्र के विधायक संजीव सरदार भी मुक्तेश्वर धाम पहुंचे। उन्होंने अपने परिवार के साथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र, राज्य और देश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इसके बाद विधायक ने पातभोक्ताओं एवं श्रद्धालुओं के बीच चना, गुड़ और शरबत का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए रोजो संक्रांति की शुभकामनाएं दीं।
मौके पर मंदिर के मुख्य पुजारी बजरंकन दंडपात सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्यों ने भी मेले के सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मेला परिसर और मंदिर क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस अवसर पर विधायक संजीव सरदार ने कहा कि मुक्तेश्वर धाम हरिना का यह ऐतिहासिक मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि कोल्हान की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह मेला वर्षों से लोगों की आस्था का केंद्र रहा है और यहां विभिन्न समुदायों के लोग एक साथ मिलकर धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि इस मेले की पहचान पूरे कोल्हान क्षेत्र में है और हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। आने वाले दिनों में मेले में और अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिसके मद्देनजर सभी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है।
रोजो संक्रांति के अवसर पर शुरू हुआ यह ऐतिहासिक मेला आगामी पांच दिनों तक धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक गतिविधियों और पारंपरिक उत्सवों का केंद्र बना रहेगा। मुक्तेश्वर धाम हरिना में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह मेला कोल्हान की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का सबसे बड़ा उत्सव है।





