मुख्य अतिथि पोटका विधायक श्री संजीव सरदार ने समारोह को संबोधित करते हुए संताली भाषा, अलचिकि लिपि और संताल संस्कृति के संरक्षण के लिए आयोजकों के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि समर कैंप जैसी पहलें स्थानीय भाषा और संस्कृति को जीवंत रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। श्री सरदार ने उपस्थित लोगों को आश्वासन दिया कि संताली शिक्षा, समर कैंप और अलचिकि लिपि के प्रसार के लिए वे व्यक्तिगत रूप से हर संभव मदद करेंगे।

उन्होंने अगले वर्ष समर कैंप को और अधिक व्यापक, बड़े स्तर पर तथा अधिक संख्या में केंद्रों के साथ आयोजित करने के लिए पूर्ण सहयोग देने का वादा किया। साथ ही, जनजातीय भाषाओं में पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वे मुख्यमंत्री से शीघ्र भेंट करेंगे और इस मुद्दे को विधानसभा व सरकारी स्तर पर मजबूती से उठाएंगे, ताकि राज्य सरकार द्वारा भी इस दिशा में ठोस नीतिगत निर्णय लिए जा सकें।






