टाटानगर रेलवे स्टेशन पर “ऑपरेशन NARCOS” के तहत बड़ी कार्रवाई, 5 किलो गांजा के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
जमशेदपुर:नशे के कारोबार के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन NARCOS” के तहत टाटानगर रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई की गई है। आरपीएफ पोस्ट टाटा और सीआईबी/टाटा की संयुक्त टीम ने छापेमारी करते हुए 5 किलो गांजा के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजा की अनुमानित बाजार कीमत करीब 2.5 लाख रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई के बाद रेलवे स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया और यात्रियों के बीच भी चर्चा का माहौल बना रहा।
मिली जानकारी के अनुसार 27 मई 2026 को रेलवे सुरक्षा बल को टाटानगर रेलवे स्टेशन परिसर में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों की सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ पोस्ट टाटा और सीआईबी की संयुक्त टीम ने स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म और आने-जाने वाले यात्रियों पर विशेष निगरानी शुरू की। इसी दौरान दो युवक संदिग्ध हालत में घूमते हुए दिखाई दिए। टीम ने जब दोनों को रोककर पूछताछ की तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
इसके बाद सुरक्षा बल द्वारा दोनों व्यक्तियों के सामान की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उनके पास से करीब 5 किलो गांजा बरामद किया गया। गांजा को अलग-अलग पैकेटों में छिपाकर रखा गया था ताकि सुरक्षा जांच से बचा जा सके। बरामद मादक पदार्थ को जब्त करते हुए दोनों आरोपियों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया।
पूछताछ में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गांजा की खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस तस्करी के पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अन्य तस्करों और सप्लाई चैन से जुड़े लोगों की तलाश में जुट गई है।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए “ऑपरेशन NARCOS” लगातार चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत संदिग्ध यात्रियों, लगेज और प्लेटफॉर्म क्षेत्र की नियमित जांच की जा रही है। रेलवे सुरक्षा बल का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे परिसर को अपराधमुक्त बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों और बरामद गांजा को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए जीआरपी थाना टाटा को सौंप दिया गया। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी पहले भी इस तरह की तस्करी में शामिल रहे हैं या नहीं।
रेलवे प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि स्टेशन परिसर या ट्रेनों में किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना रेलवे सुरक्षा बल या पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।





