राजस्थान महोत्सव 2026: शौर्य, संस्कृति और विरासत का संगम
“गोपाल मैदान में सजेगा राजस्थान का रंग—तीन दिवसीय महोत्सव बनेगा शहर का आकर्षण”
जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन के तत्वावधान में आगामी 17, 18 एवं 19 मई 2026 को बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में आयोजित होने जा रहा भव्य तीन दिवसीय “राजस्थान महोत्सव सह मेला 2026” इस वर्ष कई मायनों में विशेष और ऐतिहासिक होने जा रहा है। महोत्सव का मुख्य विषय “शौर्य, संस्कृति एवं विरासत का संगम” रखा गया है।
जमशेदपुर में मारवाड़ी समाज द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के आयोजनों की समृद्ध परंपरा रही है। पूर्व में यह महोत्सव प्रायः साकची स्थित धालभूम मैदान में आयोजित होता रहा है, वहीं इससे पूर्व कदमा गणेश पूजा मैदान में भी इसका सफल आयोजन किया गया था।
इन्हीं सफल आयोजनों की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए, इस बार कई वर्षों के बाद यह महोत्सव जमशेदपुर के ऐतिहासिक गोपाल मैदान में आयोजित किया जा रहा है। शहर के हृदय स्थल पर आयोजित यह आयोजन लोहनगरी की धरती पर राजस्थान की पावन संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत करेगा।
प्रमुख आकर्षण (कार्यक्रम विवरण)
17 मई 2026 (रविवार)
प्रसिद्ध लोक गायक संजय मुकुंदगढ़ द्वारा राजस्थानी लोक संगीत की प्रस्तुति
18 मई 2026 (सोमवार)
सुप्रसिद्ध थिएटर ग्रुप टर्नन टेल्स द्वारा हास्य-व्यंग्य संगीतात्मक मारवाड़ी नाटक
“शेक्सपियर म्हारो जमाई”
लेखक एवं निर्देशक: धूमित चौहान
19 मई 2026 (मंगलवार)
भारत की लोक संगीत सम्राज्ञी, मरु कोकिला सीमा मिश्रा की भव्य प्रस्तुति
सम्मेलन के जिला अध्यक्ष मुकेश मित्तल ने कहा,
“राजस्थान महोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और एकता का उत्सव है। वर्षों बाद ऐतिहासिक गोपाल मैदान में इसका आयोजन पूरे शहर के लिए गर्व का विषय है। हम प्रयासरत हैं कि यह महोत्सव लोहनगरी की पहचान बन जाए।”
उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान महोत्सव का वास्तविक मायने केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि उस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाना है, जिसे कभी सीताराम रूंगटा जी, सत्यनारायण मित्तल जी और चिमनलाल भालोटिया जी जैसे समाज के विभूतियों ने अपनी सेवाओं से सशक्त किया। आज उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।
महोत्सव की गूंज अब केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे झारखंड में इसकी चर्चा हो रही है। अनेक राजस्थानी कलाकार इस मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने हेतु स्वयं आगे आकर संपर्क कर रहे हैं, जो इस आयोजन की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
साथ ही, पूर्वी सिंहभूम का मारवाड़ी समाज एक अत्यंत जीवंत (वाइब्रेंट) एवं सक्रिय समाज के रूप में जाना जाता है, जो सामाजिक कार्यों में सदैव अग्रणी भूमिका निभाता है। समाजहित के अनेक कार्य समय-समय पर मारवाड़ी समाज द्वारा संचालित किए जाते हैं, जो इसकी सेवा भावना और एकजुटता का प्रतीक हैं।
महोत्सव को भव्य एवं आकर्षक बनाने हेतु लोकनृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक व्यंजन, हस्तशिल्प एवं प्रदर्शनी की विशेष व्यवस्था की जा रही है।
इस अवसर पर एक विशेष स्मारिका का भी प्रकाशन किया जाएगा, जिसके मार्गदर्शक हरि मित्तल एवं प्रधान संपादक मामचंद अग्रवाल वसंत हैं। स्मारिका में समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों के संदेश, लेख एवं विज्ञापन शामिल होंगे।
सभी नागरिकों एवं समाजबंधुओं से आग्रह है कि वे सपरिवार अधिक से अधिक संख्या में पधारकर इस ऐतिहासिक महोत्सव का हिस्सा बनें।
मीडिया सेल
पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन






