झारखंड में प्री-मानसून बारिश से राहत, वज्रपात ने ली कई जानें; कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट

झारखंड में प्री-मानसून बारिश से राहत, वज्रपात ने ली कई जानें; कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट

रांची : बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और बांग्लादेश में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से झारखंड में मौसम का मिजाज बदल गया है। राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में हुई बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं वज्रपात की घटनाओं ने जनजीवन को झकझोर कर रख दिया है।

गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र में ठनका गिरने से दो युवकों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान चंदौरी निवासी स्व. प्रीतम तुरी के 24 वर्षीय पुत्र नुनमुनि कुमार और तनेश्वर उर्फ ठाकुर के 12 वर्षीय पुत्र अमन कुमार के रूप में हुई है।
वहीं लोहरदगा के भंडरा क्षेत्र में भी वज्रपात की चपेट में आने से एक महिला की जान चली गई।

सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत घुटाईडीह गांव में बुधवार तड़के एक किशोर की वज्रपात से मौत हो गई। बताया जाता है कि किशोर शौच के लिए खेत गया था और लौटते वक्त तेज बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़ा हो गया। इसी दौरान आकाशीय बिजली गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

इधर, रांची में बुधवार सुबह 4:30 बजे से गरज के साथ कई दौर की बारिश हुई। दोपहर तक तीन से चार बार बारिश दर्ज की गई, वहीं कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई। कांके में 12.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
राज्य में सबसे अधिक बारिश खूंटी में 34.5 मिमी और बेरमो में 30 मिमी रिकॉर्ड की गई।

धनबाद और बोकारो में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली, जिससे कई जगहों पर जनजीवन प्रभावित हुआ। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 4.2 डिग्री गिरकर 37.5 डिग्री पर पहुंच गया, जबकि रांची का तापमान 38.6 डिग्री दर्ज किया गया।

ऑरेंज अलर्ट जारी

मौसम विभाग के रांची केंद्र के अनुसार, 30 अप्रैल को रांची, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, गिरिडीह, धनबाद और बोकारो में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और ओलावृष्टि की संभावना है। इसे लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

आगे का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। वहीं 1 से 5 मई के बीच राज्य के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है।

सावधानी जरूरी

विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थान, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े न हों, ताकि वज्रपात जैसी घटनाओं से बचा जा सके।

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