आज प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्राम उलीडिह हातु के ग्रामवासियों द्वारा हो समाज की पारंपरिक मागे पोरोब एवं छाता पोरोब का आयोजन हर्षोल्लास एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।

आज प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्राम उलीडिह हातु के ग्रामवासियों द्वारा हो समाज की पारंपरिक मागे पोरोब एवं छाता पोरोब का आयोजन हर्षोल्लास एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाते हुए अपनी सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति गहरी आस्था और जुड़ाव का परिचय दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सरायकेला के उपायुक्त श्री समीर सावैयां जी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में ग्राम मुखिया श्री सुखलाल सरदार जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ हातु दिऊरीगण श्री धनसिंह सावैयां जी द्वारा पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर किया गया।
इस आयोजन को सफल बनाने में ग्राम के अनेक सदस्यों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिनमें रूपनारायण सावैयां, गणेश सावैयां, लक्ष्मण सावैयां, यादव सावैयां, जीमदर सावैयां, बुद्धि सावैयां, योगेंद्र सावैयां, सुजीत सावैयां, मनीष सावैयां, छोटा सावैयां, चंद्र सावैयां, उदय सावैयां, बबलू सावैयां, दशरथ सावैयां, जादव मुंडा सावैयां, जीतनाथ सावैयां, सादो सावैयां सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
सोया महिला गण की ओर से सोमवारी सावैयां, जेमा कुई, मुनी सावैयां, रानी कुई, सजन सावैयां एवं अन्य महिला सदस्यों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाते हुए आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त सुभाष चंद्र गोप, रुईदास भूमिज, राजेश गोप, गोवर्धन गोप, जिन्दार सुभाष गोप, कृष्णा सावैयां, कोलय सावैयां, रुईदास मुन्दुइया, सारो सामाड, गुलशन सामाड, बुधराम रजक, राऊतुराय रजक, दुलू रजक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक एकता एवं सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा, जिसने सभी ग्रामीणों के बीच आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक मूल्यों को और मजबूत किया।

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