आरओबी निर्माण में देरी बनी जानलेवा, बारीगोड़ा फाटक पर किशोरी की दर्दनाक मौत

आरओबी निर्माण में देरी बनी जानलेवा, बारीगोड़ा फाटक पर किशोरी की दर्दनाक मौत
जमशेदपुर।
बारीगोड़ा रेलवे फाटक पर रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) निर्माण में हो रही भारी देरी अब जानलेवा साबित होने लगी है। शिलान्यास के लगभग दो वर्ष बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी लापरवाही का खामियाजा सोमवार को एक 17 वर्षीय किशोरी को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।
घटना 5 जनवरी 2026 की है। फाटक खुलने की प्रतीक्षा में खड़ी एक बस का अचानक हैंडब्रेक फेल हो गया, जिससे बस पीछे खिसक गई और उसके पीछे स्कूटी पर खड़ी किशोरी बस के नीचे दब गई। मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
बारीगोड़ा रेलवे फाटक दिन के अधिकांश समय बंद रहता है, जिसके कारण बारीगोड़ा, राहरगोड़ा, पटमदा समेत आसपास के क्षेत्रों में घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है। जाम की वजह से स्कूली बच्चे, कामकाजी लोग और मरीज सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। कई बार आपात स्थिति में रोगियों को अस्पताल तक समय पर पहुंचाना भी संभव नहीं हो पाता।
जिला परिषद सदस्य कुसुम पूर्ति ने इस मामले को गंभीर बताते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक को पत्र लिखकर तत्काल आरओबी निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र में जनाक्रोश आंदोलन का रूप ले सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि फाटक पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, बावजूद इसके रेलवे और प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। लोगों ने मृत किशोरी के परिवार को मुआवजा देने और आरओबी निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की मांग की है।

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