*झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: टीजीटी नियुक्ति से जुड़े 363 मामलों का एक साथ निपटार*
*रांची*
झारखंड हाईकोर्ट की जस्टिस आनंदा सेन की एकल पीठ ने गुरुवार को टीजीटी (Trained Graduate Teacher) नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े 363 लंबित याचिकाओं का एक साथ निपटारा कर दिया। अदालत ने कहा कि सभी याचिकाओं में उठाए गए कानूनी और तथ्यात्मक प्रश्न समान हैं, इसलिए इनका निपटारा मीना कुमारी बनाम झारखंड कर्मचारी चयन आयोग मामले के फैसले के अनुरूप किया गया है।
समान मुद्दों वाले सभी केस एक साथ निस्तारित
अदालत ने यह माना कि इन सभी याचिकाओं में विषय और तर्क समान हैं, इसलिए अलग-अलग सुनवाई करने की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भविष्य में मीना कुमारी केस से संबंधित कोई भी आदेश स्वतः इन सभी 363 मामलों पर लागू होगा, जिससे बार-बार एक ही विषय पर सुनवाई की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
अधिवक्ताओं की मौजूदगी
इन याचिकाओं में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता चंचल जैन, अजय कुमार पाठक, तेजस्विता सफलता, शुभम मिश्रा, अमृतांश वत्स, अभिजीत इंद्र गुरु सहित कई वकील उपस्थित रहे। सभी ने संबंधित पक्षों की ओर से दलीलें रखीं।
टीजीटी अभ्यर्थियों के लिए राहत की उम्मीद
टीजीटी नियुक्ति प्रक्रिया लंबे समय से कानूनी अड़चनों में फंसी हुई थी। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी है कि अब भर्ती प्रक्रिया में अड़चनें धीरे-धीरे दूर होंगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला न्यायिक एकरूपता (Uniformity) और स्थिरता (Stability) बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।





