घाटशिला उपचुनाव में बढ़ी सरगर्मी, आदिवासी समाज ने बाबूलाल सोरेन के समर्थन में दिखाया एकजुटता
घाटशिला:
जैसे-जैसे घाटशिला उपचुनाव की तिथि नजदीक आ रही है, राजनीतिक सरगर्मी तेज होती जा रही है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन के समर्थन में आदिवासी भूमिज-मुंडा समाज द्वारा एक विशाल महासम्मेलन का आयोजन किया गया।
यह सम्मेलन दामपारा के भादुआ मैदान में आयोजित हुआ, जिसमें आदिवासी समाज के हजारों लोगों ने भाग लिया और भाजपा का दामन थामते हुए आदिवासियों के अस्तित्व की रक्षा का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन थे। उनके आगमन पर आदिवासी समुदाय के लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा,
> “आदिवासी मुंडा समाज के इतिहास और अस्तित्व को बचाने के लिए सभी आदिवासियों को एकजुट होना होगा। यदि हम एक नहीं हुए तो बांग्लादेशी घुसपैठ और धर्मांतरण हमारी संख्या को घटा रहे हैं और हमारी जमीनें छिनती जा रही हैं।”
उन्होंने लोगों से अपने परंपरा, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होने का आह्वान किया।
वहीं भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासियों के अधिकार और अस्तित्व की लड़ाई उनकी पहली प्राथमिकता होगी।
> “मुझे एक बार विधानसभा भेजिए, मैं आपकी आवाज बनकर सदन में गूंजूंगा,” — बाबूलाल सोरेन ने कहा।
इस महासम्मेलन में आदिवासी समाज की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने घाटशिला उपचुनाव की दिशा को नया मोड़ दे दिया है।






